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गोरखपुर की प्राचीन शीतला माता मंदिर का है बहुत महत्व, श्रद्धालु लगाते हैं खास भोग, मुराद होती है पूरी

गोरखपुर की प्राचीन शीतला माता मंदिर का है बहुत महत्व, श्रद्धालु लगाते हैं खास भोग, मुराद होती है पूरी
UP City News | Oct 14, 2021 11:18 AM IST

गोरखपुर. शारदीय नवरात्रि पर भक्‍तों की आस्‍था माता के मंदिरों में उमड़ पड़ी है. नवरात्रि में नवमी के दिन भी मंदिरों पर भोर से ही श्रद्धालुओं की दर्शन करने के लिए कतार लगी रही. गोरखपुर में मां शीतला माता के प्राचीन मंदिर में भी नवमी के दिन भक्‍तों की भीड़ उमड़ पड़ी है. शीतला माता में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की विशेष आस्‍था जुड़ी हुई है. वे यहां पर आते हैं और माता के दरबार में हलुआ-पूड़ी चढ़ाकर मनचाही मुरादें मांगतें हैं.

गोरखपुर के बसंतपुर में प्राचीन शीतला माता के दरबार में दूर-दराज से लोग दर्शन करने के लिए आते हैं. यहां पर माता को हलुआ-पूड़ी चढ़ाने का विशेष महत्‍व है. इसके साथ ही माता की आरती भी की जाती है. शीतला माता के दरबार में गोरखपुर के अलावा आसपास के जिलों के श्रद्धालु भी आते हैं. मान्‍यता है कि शीतला माता के दरबार में हलुआ-पूड़ी चढ़ाने आने वालों से माता खूब प्रसन्‍न होती हैं. यहां पर मन्‍नतें मांगने के बाद पूरी होने पर भी लोग हलुआ-पूड़ी चढ़ाते हैं.

श्रद्धालु यहां पूरी आस्‍था के साथ आते हैं और माता के दरबार में शीश झुकाकर उनसे परिवार में सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं. वैश्विक महामारी कोरोना की दूसरी लहर के बाद से यहां पर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला बढ़ गया है. हर कोई मंदिर में आकर माता के दरबार में यही कामना कर रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर नहीं आए. देश और दुनिया को कोरोना से निजात मिले. माता के दरबार में शारदीय नवरात्रि के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला बना हुआ है.

यहां पर शारदीय नवरात्रि के महानवमी के दिन भक्‍त शीतला माता का दिन होने के नाते भी हलुआ-पूड़ी का भोग लगाने के लिए आते हैं. माता अपने भक्‍तों की मुराद सुनती हैं और उन्‍हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद भी देती हैं. यही वजह है कि यहां पर बरसों से पूजा-पाठ के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की आस्‍था का ये मंदिर केन्‍द्र बना हुआ है.