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मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही टेलीकंसल्टेशन सेवा, जिले के 95592 मरीजों को मिला परामर्श

मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही टेलीकंसल्टेशन सेवा, जिले के 95592 मरीजों को मिला परामर्श
UP City News | Nov 23, 2022 04:41 PM IST

गोरखपुर. जिले के दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों के लिए टेलीकंसल्टेशन सेवा वरदान साबित हो रही है. इसके तहत ई संजवनी एप के जरिये हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CMO) ग्रामीणों को विशेषज्ञ चिकित्सक की सुविधाएं दिलवा रहे हैं. इस सेवा का अब तक 95592 मरीज लाभ उठा चुके हैं. गोरखपुर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे भी प्रति दिन टेलीकंसल्टेशन के जरिये मरीज देख रहे हैं. उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता की मदद से नजदीकी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरपहुंचकर इस सेवा का लाभ लिया जा सकता है.

सीएमओ ने बताया कि इस समय जिले में चिकित्सकों के 84 हब सेंटर कार्य कर रहे हैं जो ब्लॉक, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से सेवाएं दे रहे हैं. एक प्रशासनिक अधिकारी से अलग हटकर वह एक चिकित्सक के तौर पर खुद मरीजों को परामर्श दे रहे हैं ताकि और भी चिकित्सक इस सेवा के लिए आगे आएं. इससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों का समय, पैसा और श्रम बच जाता है. उनको भागदौड़ से भी मोहलत मिल जाती है. विशेषज्ञ चिकित्सक मोबाइल के जरिये भी इस एप से जुड़ कर परामर्श प्रदान करते हैं.

गगहा ब्लॉक के तिलहर गांव के निवासी विकेश (19) बताते हैं कि उनकी माता राजमती देवी को कान की समस्या थी, कानबहने लगा और उसमें सनसनाहट महसूस होती थी. गांव के एचडब्ल्यूसी पर तैनात सीएचओ साबिया खातून के पास ले गये. वहां से वीडियो कॉल के जरिये चिकित्सक को दिखाया गया. एक हफ्ते की दवा निःशुल्क मिली और यह बताया गया कि कान में कोई ड्रॉप नहीं डालना है. सीएचओ साबिया ने बताया कि राजमती जैसे 10-15 मरीज प्रतिदिन एचडब्ल्यूसी पर आते हैं और उन्हें चिकित्सकों से जोड़ा जाता है.

गगहा के ब्लॉक कम्युनिटी प्रासेस मैनेजर अशोक पांडेय बताते हैं कि सीएचओ को मरीज सारे लक्षण बताते हैं जिन्हें एप में फीड किया जाता है और लक्षणों के आधार पर चिकित्सक द्वारा दवा और परामर्श दिया जाता है. सीएचओ को सभी प्रकार की बीमारियों के बारे में प्रशिक्षित किया गया है और वह केंद्र से निःशुल्क दवा भी देते हैं.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबन्धक पंकज आनंद का कहना है कि ई संजीवनी एप और टेलीकंसल्टेशन सेवा में गोरखपुर जिले का संकेतांक बेहतर है. 244 उपकेंद्रों और 75 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से इस सुविधा का लाभ दिलाया जा रहा है.