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स्कूल के निरीक्षण में एसडीएम को दिखा कुछ ऐसा, जिससे पड़ रहा था पढ़ाई पर असर, जानें फिर क्या हुआ

स्कूल के निरीक्षण में एसडीएम को दिखा कुछ ऐसा, जिससे पड़ रहा था पढ़ाई पर असर, जानें फिर क्या हुआ
UP City News | Oct 14, 2021 08:54 AM IST

गोरखपुर. यूपी के गोरखपुर के खजनी अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय खजनी में उपजिलाधिकारी खजनी पवन कुमार ने अचानक विद्यालय में पहुंचकर हर एक बिन्दुवों पर निरीक्षण किया और विघालय की समस्या से भी अवगत हुए. पहले उन्होंने विद्यालय परिसर में पानी भराव होने के कारण पानी में बच्चों को देखकर एसडीएम ने प्रधानाचार्य को लगाई फटकार और दो दिन के अंदर विद्यालय परिसर के अंदर से पानी की निकासी ,बिजली व्यवस्था सही करने का दिया आदेश एसडीएम द्वारा प्रधान को कहा गया. मनरेगा द्वारा एस्टीमेट बनाकर विद्यालय का सुंदरीकरण कराया जाए. कहा कि अगर कोई भी दिक्कत होता है आप हमसे मिलकर बताएं आपकी समस्याओं को दूर किया जाएगा.

एसडीएम ने मिड डे मील बनने की जगह गंदगी को देखकर बिफर पड़े, सफाई के साथ बच्चों के लिए रसोइयो को भोजन बनाने के लिए निर्देशित किया, दूसरे बार निरीक्षण करने पर गंदगी पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. वही जूनियर हाई स्कूल के प्राध्यापक सुरेंद्र बहादुर सिंह को फटकार लगाई उन्होंने कहा अगर इस तरह आपके बच्चे गंदगी में बैठकर भोजन करें तो आपको कैसा लगेगा एसडीएम के बातों पर अध्यापक ने आगे से गलती ना करने की प्रार्थना की.

इस दौरान एसडीएम ने मिड डे मील में बना भोजन चेक किया. उसके बाद आठवीं क्लास में पहुंचकर बच्चों का हौसला अफजाई करते हुए बच्चों के साथ क्लास में पीछे बैठे. दूसरे क्लास में जाकर एसडीएम द्वारा बच्चों से पूछा कि क्या बनना चाहते हैं उसी में एक बच्चे ने कहा कि सर मैं टीचर बनना चाहता हूं. जाते जाते एसडीएम ने प्रधानाध्यापक व प्रधान को स्कूल की व्यवस्था सुदृढ़ करने की दी हिदायत अगले निरीक्षक पर कमियां पाई गई तो होगी कार्रवाई.

एसडीएम ने शिक्षकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आप लोग बहुत तैयारी करने के बाद सरकारी अध्यापक नहीं हो पाते हैं, तो अन्य प्राइवेट स्कूलों में कम मानदेय पर पड़ा कर अच्छे शिक्षा का स्तर सुधारते हैं और आप लोग उच्च शिक्षा ग्रहण करके सरकारी नौकरी प्राप्त किए हैं. उसके बाद भी लोगों का रुझान प्राइवेट स्कूलों में रहता है. आप लोग बच्चों को ऐसी शिक्षा दें कि उन्हें लगे कि परिषदीय विद्यालय में सही रूप से शिक्षा दी जाती है. ताकि बच्चे आगे जाकर विद्यालय का नाम रोशन करें.