सिटी न्यूज़

रामदास अठावले की रिपब्लिकन पार्टी यूपी में लड़ सकती है चुनाव, 26 सितंबर से निकालेंगे ‘बहुजन कल्‍याण यात्रा’

रामदास अठावले की रिपब्लिकन पार्टी यूपी में लड़ सकती है चुनाव, 26 सितंबर से निकालेंगे ‘बहुजन कल्‍याण यात्रा’
UP City News | Sep 15, 2021 05:52 PM IST

गोरखपुर. केंद्र सरकार के सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता राज्‍यमंत्री रामदास अठावले की पार्टी यूपी में आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव में दंभ भर सकती है. आरपीआई (रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया) के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष पार्टी रामदास अठावले ने इसके संकेत दिए हैं. उन्‍होंने कहा कि उनकी पार्टी के चुनाव लड़ने से बसपा का नुकसान और भाजपा का फायदा होगा. उन्‍हें कम से कम 10 से 12 सीटें मिलनी चाहिए. रामदास अठावले ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया जनजागृति और जनाधार बढ़ाने के लिए 26 सितंबर से बहुजन कल्‍याण यात्रा निकलेगी.

केंद्र सरकार के सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता राज्‍यमंत्री रामदास अठावले ने बताया कि उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है. दोनों ही शीर्ष भाजपा नेताओं ने इस पर विचार करने की बात कही है. 26 सितंबर को उनकी बहुजन कल्‍याण यात्रा सहारनपुर से शुरू होकर पूरे यूपी के 75 जिलों के 18 मंडल में जाकर लखनऊ में सम्‍पन्‍न होगी. वहां के रमाबाई अंबेडकर मैदान में सभा होगी. जिसमें एक लाख से अधिक लोग उपस्थित रहेंगे. उन्‍होंने बताया कि इसी तरह की उनकी योजना है.

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ से भी उनकी बात हुई है. उन्‍होंने प्रस्‍ताव पर विचार करने की बात कही है. रिपब्लिकन पार्टी को यूपी में एनडीए को लेना चाहिए. भाजपा को अपने साथ लेना चाहिए. इसके लिए वे प्रयास कर रहे हैं. वो भाजपा के साथ एनडीए में हैं. यूपी के 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में आरपीआई को साथ में रखना चाहिए. उन्‍हें कुछ सीटें देनी चाहिए. उन्‍होंने कहा कि इस संदर्भ में भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह से बात की है. उन्‍होंने कहा कि इससे बसपा का यूपी में नुकसान हो सकता है.

भाजपा का इसमें अच्‍छा फायदा हो सकता है. दलित वोट अच्‍छी संख्‍या में आरपीआई की तरफ आ सकता है. दोनों शीर्ष नेताओं ने प्रस्‍ताव पर विचार करने की बात कही है. उन्‍होंने कहा कि आने वाले यूपी के विधानसभा चुनाव में वे भाजपा के साथ रहते हैं, तो लोगों का उन्‍हें अच्‍छा समर्थन मिल रहा है. जिस तरह से योगी आदित्‍यनाथ ने सत्‍ता में आने के बाद गुंडाराज को खत्‍म कर दिया है. कोरोना काल में उन्‍होंने बहुत अच्‍छा काम किया है. बहुत सारे गरीब लोगों को अनाज और दवा बांटने का भी काम हुआ है. उनके माध्‍यम से लोगों को बहुत मदद हुई है.

कोरोना यहां पर खत्‍म हो रहा है. गरीबों को पट्टा देने का भी काम हुआ है. उनकी पार्टी की मांग है कि गांव में जिन परिवार के पास जमीन नहीं है. उन्‍हें पांच एकड़ जमीन देने का कार्यक्रम तैयार करना चाहिए. उसके लिए एक पत्र वे सीएम योगी आदित्‍यनाथ को पत्र लिखेंगे. एक समिति बनाकर इस पर कार्य करना चाहिए. जिससे उनकी आर्थिक दशा सुदृढ़ हो सके. –‘जातिवाद तोड़ो और समाज को जोड़ो’ ये उनकी पार्टी का उद्देश्‍य है.

केन्‍द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि वे नहीं मानते हैं कि दलित और मुस्लिम बाहुल्‍य इलाकों में भाजपा को नुकसान होने वाला है. आज मुस्लिम भाजपा के खिलाफ नहीं है. एक जमाना था जब कांग्रेस पार्टी मुस्लिम और दलित को भड़काती थी. दलित और मुस्लिम कांग्रेस को वोट करते थे, लेकिन अभी वो जमाना चला गया है. कांग्रेस यूपी में जनधार खो चुकी है. जब सपा और बसपा यूपी में आई, तो कांग्रेस का दलित और मुस्लिम वोट बंट गया. उन्‍होंने कहा कि हमारी पार्टी में सभी जाति-धर्म के लोग हैं. कहां-कहां सीट मिल सकती है.

अठावले ने कहा कि हर समाज के लोग हमारे साथ आ रहे हैं. सीट पर जब चर्चा होगी, तो वहां पर मैदान में उतारेंगे. दलित और मुस्लिम सीट के साथ क्षत्रिय, बनिया और ब्राह्मण समाज के लोगों को भी टिकट देने पर चर्चा करेंगे. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और उनकी किसानों के साथ बहुत सुहानुभूति है. किसान नहीं होंगे, तो हमारा जीना मुश्किल होगा. वो खेत में काम करके अनाज पैदा करते हैं, तभी हम लोग हैं. किसानों के हित के लिए ही सरकार ने कानून बनाए हैं. जहां मंडी में अधिक पैसा मिलता है, वहां पर माल बेचने का अधिकार देने वाला कानून है. उन्‍होंने कहा कि जिस सत्‍ता पर जिस किसान ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी को दूसरी बार सत्‍ता पर बिठाया है. वो मोदी जी किसानों के नुकसान के लिए क्‍यों कानून लाएंगे.

रामदास अठावले ने कहा कि कुछ लोगों ने गलतफहमी पैदा करके गुजरात, हरियाणा, राजस्‍थान बार्डर, पंजाब, यूपी के बार्डर के किसानों को छोड़कर अन्‍य जगहों के किसान इसका विरोध नहीं कर रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि सरकार का कहना है कि इसमें जो बदलाव करना है, वे उसे बताएं. एमएसपी को घटाना नहीं है. जो उनकी गांव-गांव में बाजार समिति है, उसे घटाना नहीं है. सरकार को लगता है कि एक कानून को पीछे लेने की मांग उनकी है, तो एक बार कानून पीछे लेंगे, तो हर कानून को पीछे लेने के लिए कहा जाएगा.

हर एक को विरोध करने का अधिकार है. पार्लिया‍मेंट में भी विरोध होता है. बहुमत से बिल पास होता है. कानून बनता है. कृषि कानून में क्‍या बदलाव करना है, ये बताएं. सु्प्रीम कोर्ट ने सरकार पर पाबंदी लगाई है. आंदोलन खत्‍म करने की आवश्‍यकता थी. उन्‍होंने भी आंदोलन किया है. पुलिस ने लाठीचार्ज कर भगाया है. लेकिन, मोदीजी ने ऐसा नहीं किया. उन्‍हें आंदोलन करने दिया. नरेन्‍द्र तोमर जी से 11 बार बातचीत हुई. उनका कहना है कि कानून पीछे ले लो. उन्‍होंने कहा कि ये लोकतंत्र के लिए विश्‍वासघात होगा. इसमें क्‍या बदलाव करना है, आप ये बताओ. उन्‍होंने कहा कि कानून पीछे लेना इतना आसान नहीं है. वे पीछे हट जाएं.

यूपी में राम मंदिर बन रहा है. इसके साथ ही वहां पर मस्जिद भी बन रही है. ये अच्‍छी बात है. उन्होंने कहा कि जनगणना होने वाली है. उन्‍होंने कहा कि उनका मानना है कि जनगणना जाति के आधार पर होनी चाहिए. जिससे ये साफ हो जाए कि किसका कितना प्रतिशत है. सरकार ने राज्‍य को ये अधिकार दिया है कि वो किसे बैकवर्ड माने. यूपी, उत्‍तराखंड, गोवा, पंजाब, मणिपुर पांच राज्‍यों में उनकी पार्टी सक्रिय है. वे सभी जगहों पर भाजपा के साथ हैं.

उन्‍होंने कहा कि केजरीवाल और आवैसी यूपी में लड़ते हैं, तो उनका स्‍वागत हैं. कश्‍मीर में आतंकवाद है. 370 हटाने के बाद जो आतंकवादी मारने का काम यहां की पुलिस और सेना ने किया है. इसके बावजूद अटैक हो रहे हैं. वे आतंकवादियों को अपील करते हैं कि वे सरेंडर कर समाज की मुख्‍य धारा में आएं. सरकार उनके बारे में सोचेगी. जो आतंकी पकड़े गए हैं, उन्‍हें सजा होगी.