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गोरखपुर में भाजपा विधायक के लापता होने लगा पोस्टर, पढ़ें ग्रामीणों ने पोस्टर में क्या लिखा, विधायक ने क्या कहा

गोरखपुर में भाजपा विधायक के लापता होने लगा पोस्टर, पढ़ें ग्रामीणों ने पोस्टर में क्या लिखा, विधायक ने क्या कहा
UP City News | Sep 14, 2021 02:14 PM IST

गोरखपुर. यूपी के गोरखपुर के राजधानी गांव में रविवार रात कुछ लोगों ने स्थानीय भाजपा विधायक संगीता यादव के लापता होने के पोस्टर चस्पा कर दिया. पोस्टरों में लिखा था कि ‘हम सब को डूबता छोड़ हमारी विधायक संगीता यादव लापता हैं.' इसकी जानकारी होने पर विधायक के समर्थकों ने पोस्टरों को फाड़ दिया. वहीं, विधायक ने पोस्टर चिपकाने को विपक्ष की साजिश और गंदी राजनीति बताया है. उनका कहना है कि भाजपा सरकार में जितना विकास हुआ किसी सरकार में नहीं हुआ. हालांकि, इससे पहले भाजपा सांसद कमलेश पासवान को भी गांव वालों की नाराजगी झेलनी पड़ी थी. सांसद गांव में राहत सामग्री बांटने गए थे.

जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह विधायक संगीता यादव के लापता होने का पोस्टर गांव में लगने की जानकारी होते ही उनके समर्थकों में खलबली मच गई. आनन फानन सभी पोस्टरों को फाड़ दिया गया. इस संबंध में विधायक संगीता यादव का कहना है कि यह चुनावी स्टंट है. आगामी चुनाव को लेकर विपक्षी पार्टी के लोगों का यह घृणित कार्य है. हमारे क्षेत्र में विकास हुआ है. कोरोना जैसी महामारी में पूरा विश्व थम गया, फिर भी हमारे देश का विकास नहीं रुका. दरअसल, पिछले दिनों गोर्रा नदी का तटबंध जोगिया गांव में टूट गया था. इससे नदी के पानी ने कई गांवों को चपेट में ले लिया. इसी पानी की चपेट में विकास खंड ब्रह्मपुर का सबसे बड़ा गांव राजधानी भी आ गया है.

करीब बीस हजार की आबादी वाली ग्रामसभा राजधानी के लोग चारों तरफ से पानी से घिरे होने की वजह से तमाम तरह की दिक्कतों का सामना कर रहे हैं. गांव वालों का कहना है कि उनकी फसलें तो खराब हो ही गई हैं, घर में रखा सामान भी बर्बाद हो गया है. आदमी से लेकर पशुओं तक के सामने खाने-पीने का संकट पैदा हो गया है. गांव वालों का यह भी कहना है कि विधायक यदि समय रहते तटबंधों की निगरानी की व्यवस्था कराए होतीं तो बंधा न टूटता. बंधा न टूटता तो ग्रामीणों पर यह आफत न आती. अब जबकि गांव वाले बाढ़ के कारण परेशान हैं, तब भी विधायक लोगों का हालचाल जानने तक नहीं आ रही हैं. किसी तरह की मदद की बात तो दूर है. ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय विधायक केवल सोशल मीडिया पर अपने कामों का ढिंढोरा पीटती हैं, जबकि हकीकत में करती कुछ नहीं हैं.