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यूपी टीईटी परीक्षा स्‍थगित होने से निराश अभ्यर्थी, जानें निराश अभ्यर्थियों का क्या है रिएक्शन

यूपी टीईटी परीक्षा स्‍थगित होने से निराश अभ्यर्थी, जानें निराश अभ्यर्थियों का क्या है रिएक्शन
UP City News | Nov 29, 2021 04:12 PM IST

गोरखपुर. उत्‍तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर आउट होने से शिक्षक बनने का सपना संजोए लाखों अभ्‍यर्थियों को झटका लगा है. खासकर मेधावियों के लिए ये बहुत परेशान करने वाला क्षण है. ऐसे में भावी शिक्षक (Teachers Requirement) ये मानते हैं कि नकल माफियाओं पर लगातार नकेल कसने के बावजूद सरकार और प्रशासन से कहीं न कहीं चूक हुई है. जिसका खामियाजा उन लोगों को भुगतना पड़ रहा है.

गोरखपुर में रविवार सुबह 10 बजे से होने वाली परीक्षा के लिए 70 परीक्षा केन्‍द्रों पर 35,306 अभ्‍यर्थियों को परीक्षा देनी रही है. वहीं दूसरी पाली में 51 केन्‍द्रों परा 25,924 अभ्‍यर्थी पंजीकृत रहे हैं पहली पाली की परीक्षा के लिए अभ्‍यर्थी परीक्षा दे रहे थे. इसी दौरान परीक्षा निरस्‍त होने की सूचना केन्‍द्रों पर आई. गोरखपुर यूनिवर्सिटी के बुद्धा स्थल में रहने वाले परीक्षार्थी प्रदीप यादव ने बताया कि ये उन लोगों के लिए बड़ा झटका है. उन लोगों को नए सिरे से फिर से तैयारी करनी होगी. पेपर बहुत अच्‍छा आया था. उन्‍होंने बताया कि वे लोग दो से तीन साल परीक्षा की तैयारी करते हैं.

प्रशासन से बड़ी चूक हुई है. उन्होंने कहा कि पेपर आउट होने की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की है क्योंकि जब परीक्षार्थियों से परीक्षा के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं तो सुरक्षित परीक्षा कराना भी सरकार की जिम्मेदारी है. सरकार द्वारा नकल माफियाओं पर नकेल कसने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रदीप यादव ने कहा कि कथनी और करनी में अंतर होता है सरकार को धरातल पर यह सब करके दिखा रहा होगा फिर भी परीक्षार्थियों का भविष्य अंधकार में चला गया है.

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एक अन्य परीक्षार्थी अनुज कुमार शुक्ला सरकार से खासा नाराज दिखे उन्होंने कहा कि सालों साल से मेहनत करने वाले परीक्षार्थियों की मेहनत से सरकार की एक लापरवाही से बर्बाद हो जाती है उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे हुए सभी लोग अंधे हो चुके हैं उनकी लापरवाही से नौकरी की आस लगाकर मेहनत करने वाले परीक्षार्थियों का सपना टूट जा रहा है. एक बार फिर सालों साल मेहनत चलेगा फिर परीक्षा होगी क्या कुछ होगा यह तय नहीं है परीक्षार्थी बहुत ही असमंजस की स्थिति में है मुख्यमंत्री द्वारा बसों में परीक्षार्थियों के लिए फ्री घर लौटने की सेवा के बारे में उन्होंने कहा कि यह भी बस छलावा और दिखावा था जबकि हम लोगों से बसों में जबरन पैसा वसूला गया.