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झूलनोत्सव में भाईयों संग चांदी के झूलन पर सवार होंगे रामलला

झूलनोत्सव में भाईयों संग चांदी के झूलन पर सवार होंगे रामलला
UP City News | Jul 13, 2022 05:02 PM IST

अयोध्या: राम जन्मभूमि में अपने आराध्य श्रीराम के दर्शन को आतुर भक्तों को इस बार भगवान के एक विशेष रूप के दर्शन् होंगे. सावन माह के साथ अयोध्या के मंदिरों में भगवान के झूलनोत्सव का भव्य आयोजन प्रारम्भ हो गया है और पूरा माह रंग बिरंगे कार्यक्रमों से अयोध्या नगरी गुलजार होगी. साथ ही राम जन्म भूमि पर श्री रामलला के विशेष उत्सव की तैयारी की जा रही है. राम मंदिर ट्रस्ट की माने तो भव्य उत्सव के आयोजन के बीच चांदी के झूले पर झूला झूलते रामलला को श्रद्धालु देख सकेंगे और सावन पंचमी से रामलला को झूले पर विराजमान कराया जाएगा.

राम जन्मभूमि परिसर में पहली बार भव्य झूलनोत्सव का आयोजन किया जाएगा. जिसे श्रद्धालु रामलला को झूला झूलते देख सकेंगे. पिछले वर्ष कोरोना काल की वजह से सीमित संसाधन में राम जन्मभूमि परिसर में झूलनोत्सव का आयोजन किया गया था, लेकिन इस बार भगवान रामलला अपने तीनों भाइयों के साथ चांदी के झूले पर विराजमान होंगे. राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि झूलनोत्सव का कार्यक्रम सुरक्षा को देखते हुए इस बार पिछले वर्ष से भी भव्य झूलनोत्सव का आयोजन राम जन्मभूमि परिसर किया जाएगा.

अनिल मिश्रा ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था और रामलला के अस्थाई मंदिर को लेकर हमारी एक सीमा है. उस सीमा के बाहर जाकर हम कार्यक्रम का आयोजन नहीं कर सकते. जब तक मंदिर का निर्माण नहीं किया जा सकता. तब तक हम भक्तों का आवाहन नहीं कर सकते. आने वाले सीमित लोग ही रामलला को झूलन में देखने का सुख प्राप्त कर सकते हैं. वहीं कहा कि इस बार पिछली बार की अपेक्षा और भी बेहतर और भव्य झूलनोत्सव का आयोजन परिसर में किया जाएगा.

रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि सावन के शुक्ल पक्ष तृतीया से झूलनोत्सव प्रारंभ होता है. प्रथम झूलन मणि पर्वत से शुरू होता है. अयोध्या के जो प्रसिद्ध मठ मंदिर हैं वहां के चल विग्रह मणि पर्वत पर जाकर प्रारंभ करते हैं. उसके बाद अनेक मठ मंदिरों में झूलनोत्सव मनाया जाता है. मुख्य पुजारी ने बताया कि रामलला का झूलनोत्सव नागपंचमी के दिन से शुरू होकर रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगा. इस बार राम लला परिसर में झूलनोत्सव तो बहुत दिव्य और भव्य होगा. रामलला परिसर में रामलला समेत तीनों भाई झूलनोत्सव में विराजमान होंगे. त्रेता युग की झलक रामलला के परिसर में दिखाई देगी. जिस प्रकार से भगवान राम माता सीता के साथ झूला झूलते थे. उसी प्रकार दर्शनार्थी लोग झूलनोत्सव देखकर बहुत प्रसन्न होंगे.