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चंपत राय का एक और प्रेस नोट जारी, दुष्प्रचार पर विश्वास न करें रामभक्त

चंपत राय का एक और प्रेस नोट जारी, दुष्प्रचार पर विश्वास न करें रामभक्त
UP City News | Jun 14, 2021 10:41 PM IST

अयोध्या. राम मंदिर निर्माण में जमीन घोटाले के आरोपों से घिरे श्री राम जन्म तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को फिर एक प्रेस बयान जारी किया है. उन्होंने कहा है कि आरोप लगाने वालों ने सच्चाई नहीं जानी. उनके आरोपों से समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हुई है. प्रेस नोट में चंपत राय ने मंदिर के लिए भूमि खरीद के बारे में जानकारी दी है. रामभक्तों से दुष्पचार पर यकीन न करने की अपील की है.

महत्वपूर्ण मंदिरों व भूमि को ख्ररीदा जा रहा
चंपत राय ने कहा है कि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट श्री राम मंदिर को वास्तु शास्त्र के अनुसार भव्य स्वरूप प्रदान कराने के लिए कार्य कर रहा है. शेष परिसर को सभी प्रकार से सुरक्षित तथा दर्शनार्थियों के लिए सुविधापूर्ण बनाने की भी योजना है. इसके मद्देनजर मंदिर के पूर्व व पश्चिम भाग में निर्माणाधीन परकोटा व सीमा में आने वाले महत्वपूर्ण मंदिरों और स्थानों को परस्पर सहमति से खरीदा जा रहा है. बाग बिजेसी, अयोध्या स्थित 1.20 हेक्टेयर भूमि इसी प्रक्रिया के अन्तर्गत महत्वपूर्ण मंदिरों जैसे कौशल्या सदन आदि की सहमति से पूर्ण पारदर्शिता के साथ खरीदी गई है. यह भूमि अयोध्या रेलवे स्टेशन के समीप मार्ग पर स्थित एक प्रमुख स्थान (प्राइम लोकेशन) है.

अंतिम देय राशि 1,423 रुपये प्रति वर्गफीट तय
चंपत राय के प्रेस नोट में कहा गया है कि इस भूमि के संबंध में वर्ष 2011 से वर्तमान विक्रेताओं के पक्ष में भिन्न-भिन्न समय (2011, 2017 व 2019 ) में अनुबन्ध संपादित हुआ. खोजबीन करने पर यह भूखंड अनुकूल होेने पर संबंधित व्यक्तियों से संपर्क किया गया.
भूमि का जो मूल्य मांगा गया, उसकी तुलना वर्तमान बाजार मूल्य से की गयी. अंतिम देय राशि लगभग 1,423/-रुपये प्रति वर्गफीट तय हुई जो निकट के क्षेत्र के वर्तमान बाजार मूल्य से बहुत कम है.

जमीन खरीद में बरती पूर्ण पारदर्शिता
चंपत राय के अनुसार मूल्य पर सहमति हो जाने के पश्चात् संबंधित व्यक्तियों को अपने पूर्व के अनुबंधों को पूर्ण करना आवश्यक था, तभी सम्बन्धित भूमि तीर्थ क्षेत्र को प्राप्त हो सकती थी. तीर्थ क्षेत्र के साथ अनुबन्ध करने वाले व्यक्तियों के पक्ष में भूमि का बैनामा होते ही तीर्थ क्षेत्र ने अपने पक्ष में पूर्ण तत्परता एवं पारदर्शिता के साथ अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया व पंजीकृत कराया है. तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहले दिन से ही निर्णय रहा है कि सभी भुगतान बैंक से सीधे खाते में ही किए जायेंगे. सम्बन्धित भूमि की क्रय प्रक्रिया में भी इसी निर्णय का पालन हुआ है. सरकार के सभी करों का भुगतान किया गया.

रामभक्त दुष्प्रचार पर न करें विश्वास
आरोप लगाने वालों ने तीर्थ क्षेत्र के किसी भी पदाधिकारी से तथ्यों की जानकारी नहीं की. इससे समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है. उनका राम भक्तों से निवेदन है कि वे ऐसे किसी दुष्प्रचार पर यकीन न करें. श्री राम जन्म-भूमि मन्दिर का पूर्ण पारदर्शिता के साथ चल रहा निर्माण कार्य शीघ्र संपन्न होगा.