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आज का इतिहास: जानिए क्या है रानी की वाव और ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, क्यों किया विश्व धरोहर की सूची शामिल

आज का इतिहास: जानिए क्या है रानी की वाव और ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, क्यों किया विश्व धरोहर की सूची शामिल
UP City News | Jun 23, 2022 07:18 AM IST

नई दिल्ली. इतिहास के पन्नों को पलटेंगे तो कई ऐसी रोचक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे जिन्हें पहले कभी नहीं जानते थे. 23 जून को पूरी दुनिया में बेहद खास घटनाएं घटी जिन्हें जानना हर नागरिक के लिए जरूरी है. बहुत सी घटनाएं बेहद सुखुद रहीं तो बहुत से हादसों में पूरे विश्व को हिलाकर रख दिया. यूपी सिटी आपको 23 जून के इतिहास को आपके सामने रखने जा रहा है. जो बेहद महत्वपूर्ण है.

जानिए क्या है 'रानी की वाव'
पुराने जमाने में राजा-महाराजा अक्सर अपने राज्य में जगह-जगह कुआं खुदवाते रहते थे, ताकि पानी की कमी न हो. भारत में तो ऐसे हजारों कुएं हैं, जो सैकड़ों साल पुराने हैं और कुछ तो हजार साल भी. एक ऐसे ही कुएं के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं, जिसे 'रानी की बावड़ी' कहा जाता है. दरअसल, बावड़ी का मतलब सीढ़ीदार कुआं होता है. 'रानी की बावड़ी' का इतिहास 900 साल से भी ज्यादा पुराना है और यहां भारी संख्या में पर्यटक घूमने के लिए आते हैं. बता दें कि साल 2014 में यूनेस्को ने इसे विश्व विरासत स्थल घोषित किया था. कहते हैं कि रानी की वाव (बावड़ी) का निर्माण 1063 ईस्वी में सोलंकी राजवंश के राजा भीमदेव प्रथम की स्मृति में उनकी पत्नी रानी उदयामति ने करवाया था. रानी उदयमति जूनागढ़ के चूड़ासमा शासक राखेंगार की पुत्री थीं.

जानिए क्या है हिमालयी राष्ट्रीय उद्यान की खासियत
महान हिमालयी राष्ट्रीय उद्यान (जीएचएनपी) हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में है. विश्व विरासत समिति ने ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क संरक्षण क्षेत्र (जीएचएनपीसीए) को विश्व विरासत सूची में सम्मिलित किया है. यह उद्यान कुल्लू जिले के पश्चिमी भाग में स्थित है. 1984 में बनाए गए इस पार्क को 1999 में राष्ट्रीय पार्क घोषित किया गया था. यह पार्क अपनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है. इसमें 25 से अधिक प्रकार के वन, 800 प्रकार के पौधे औऱ 180 से अधिक पक्षी प्रजातियों का वास है.
हिमालय के भूरे भालू के क्षेत्र वाला यह नेशनल पार्क कुल्‍लू जिले में 620 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और यहां समशीतोष्‍ण एवं एलपाइन वन पाए जाते हैं. यहां कुछ वर्जिन कोनीफेरस वन है. एलपाइन चारागाह और ग्‍लेशियर का विशाल क्षेत्र इस पार्क का बड़ा हिस्‍सा है. यहां पश्चिमी हिमालय की अनेक महत्‍वपूर्ण वन्‍य प्रजातियां पाई जाती है जैसे मस्‍क डीयर, ब्राउन बीयर, गोराल, थार, चीता, बरफानी चीता, भराल, सीरो, मोनल, कलिज, कोकलास, चीयर, ट्रागोपान, बरफानी कौआ आदि. रक्तिसार की चढ़ाई, सैंज नदी का उदगम और अलपाइन चारागाहों में कैम्‍प लगाना अविस्‍मरणीय अनुभव हैं. इसी प्रकार तीर्थ की ओर चढ़ाई का रास्‍ता तीर्थन नदी का उदगम है.

23 जून की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
-प्लासी की लड़ाई ब्रिटिश सेना और सिराज उद-दौला के बीच 1757 में शुरू होती है, जहां बंगाल के ब्रिटिश कब्जे का नियंत्रण होता है.
-बाम्बे के डंकन डॉक का निर्माण कार्य 1810 को पूरा हुआ.
-फ्रेडरिक डगलस अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकित होने वाले पहले अफ्रिकी-अमेरिकी 1888 में बने.
-बैरन पियरे डी कुबर्टिन की पहल पर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की पेरिस के सोरबोन में 1894 को स्थापना हुई.
-एस्टोनिया की सेना ने 1919 में उत्तरी लातीविया में जर्मन सेना को पराजित किया.
-साइमन आयोग ने 1930 में एक संघीय भारत और बर्मा के लंदन स्थित पृथक होने की सिफारिश की.
-जमाल अब्दुल नासिर मिस्र के राष्ट्रपति 1956 में चुने गए.
-आर्कटिक संधि 1960 में संपन्न हुई। इसके तहत आर्कटिक महाद्वीप को वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया.
-जापान और अमेरिका के बीच सुरक्षा समौझाता 1960 में हुआ.
-वॉरेन ई बर्गर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश 1969 में बने.
-पोलैंड में सामाजिक तनाव को देखते हुए 1981 में मार्शल लॉ घोषित कर दिया गया था और उसके बाद से ही सॉलिडैरिटी पर प्रतिबंध लगा दिया गया था.
-पोप जॉन पॉल द्वितीय ने 1983 में पोलैंड के स्वतंत्र मजदूर संघ आंदोलन ‘सॉलिडैरिटी’ के संस्थापक और नेता लेच वालेसा से निजी मुलाकात की थी.
-एयर इंडिया का एक यात्री विमान 1985 को आयरलैंड तट के करीब हवा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार सभी 329 यात्री मारे गए थे.
-अफ्रीकी देश माल्दोवा ने 1991 में आजादी की घोषणा की.
-न्यूयॉर्क के सबसे बड़े माफिया परिवार के मुखिया जॉन गोत्ती को 1992 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी.
-संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने 1994 में दक्षिण अफ़्रीका की सदस्यता को मंजूर किया, उत्तरी कोरिया द्वारा परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाये जाने की घोषणा.
-संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 1995 में 50 वर्ष के इतिहास में 100वाँ प्रस्ताव (साइप्रस में शांति सैनिकों की अवधि बढ़ाने के संबंध में) पारित किया.
-नेपाल की मौजूदा सरकार ने संयुक्त राष्ट्र मिशन की अवधि बढ़ाने की मंजूरी 2008 में दी.
-प्रसिद्ध बंगाली अभिनेता सौमित्र चटर्जी को दादा साहब फाल्के पुरस्कार देने के लिए चयन समिति ने 2008 में सिफ़ारिश की.
-टायर बनाने वाली देश की प्रमुख कम्पनी जेके टायर इण्डिया लिमिटेड ने 2008 में मैक्सिको की टायर कम्पनी टोर्नल व उसकी -सहायक कम्पनियों सहित 270 करोड़ डालर का अधिग्रहण किया.
-एस्टन ईटन ने 2012 में अमेरिकी ओलंपिक परीक्षण में डेक्थलान में विश्व रिकॉर्ड को तोड़ा.
-निक वाल्लेंडा 2013 में अमेरिका के ग्रांड कैनयॉन की पहाड़ी को रस्सी पर सफलतापूर्वक चलकर पार करनेवाले पहले व्यक्ति बने.
-गुजरात का ‘रानी की वाव’ और हिमाचल का ‘ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क’ 2014 में विश्व धरोहर सूची शामिल हुआ.
-मोहम्मद बिन नायफ के बाद मोहम्मद बिन सलमान सउदी अरब के नए उत्तराधिकारी 2017 को नियुक्त हुये.
23 जून को जन्मे व्यक्ति
-अंग्रेज़ गणितज्ञ और कम्प्यूटर वैज्ञानिक एलेन ट्यूरिंग का जन्म 1912 में हुआ.
-अमेरिकन गायिका जून कार्टर का जन्म 1929 में हुआ.
-गाँधीवादी विचारक और सामाजिक कार्यकर्ता चण्डी प्रसाद भट्ट का जन्म 1934 में हुआ.
-हिमाचल प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का जन्म 1934 में हुआ.
-प्रदीप कुमार बनर्जी का जन्म 1936 में हुआ भारत के सर्वश्रेष्ठ फ़ुटबॉल खिलाड़ियों में से एक हैं.
-मशहूर अमेरिकी लेखन डेन ब्राउन का जन्म 1964 में हुआ.
-वेस्टइंडीज के बल्लेबाज रामनरेश सरवन का गुयाना 1980 में जन्म हुआ.
23 जून को हुए निधन
-महान् मराठा पेशवा बालाजी बाजीराव का निधन 1761 में हुआ.
-ब्रिटेन के दार्शनिक और साहित्यकार सैमुएल टाइलर कैलरिज का निधन 1834 में हुआ.
-राजनेता तथा समाज सुधारक गंगाप्रसाद वर्मा का निधन 1914 में हुआ.
-गुजराती भाषा के लेखक और महान् शिक्षाशास्त्री गिजुभाई बधेका का निधन 1939 में हुआ.
-भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का कश्मीर की जेल में 1953 को निधन हुआ.
-भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी और पाकिस्तान में प्रथम उच्चायुक्त संस्थापक श्रीप्रकाश का निधन 1971 में हुआ.
-भारतीय नेता एवं इंदिरा गांधी के छोटे पुत्र संजय गांधी का निधन 1980 में हुआ.
-वैज्ञानिक डाॅ. जोनास साल्‍क का निधन 1995 में हुआ.