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Today in History: जानिए आज ही के दिन भारत का संविधान, भारत का सर्वोच्च विधान कैसे बना, क्या है खासियत

Today in History: जानिए आज ही के दिन भारत का संविधान, भारत का सर्वोच्च विधान कैसे बना, क्या है खासियत
UP City News | Nov 26, 2021 03:42 PM IST

नई दिल्ली. इतिहास के पन्नों को पलटेंगे तो कई ऐसी रोचक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे जिन्हें पहले कभी नहीं जानते थे. 26 नवंबर को पूरी दुनिया में बेहद खास घटनाएं घटी जिन्हें जानना हर नागरिक के लिए जरूरी है. बहुत सी घटनाएं बेहद सुखुद रहीं तो बहुत से हादसों में पूरे विश्व को हिलाकर रख दिया. यूपी सिटी आपको 26 नवंबरके इतिहास को आपके सामने रखने जा रहा है. जो बेहद महत्वपूर्ण है.स्वतंत्र भारत के इतिहास के लिए आज यानी 26 नवंबर बेहद महत्वपूर्ण है. आज ही के दिन भारत का संविधान, भारत का सर्वोच्च विधान है, जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर 1949 को पारित हुआ और 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हो गया. यह दिन (26 नवम्बर) भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया. आइए जानते हैं भारत के संविधान के बारे में वो चीजें जिन्हें आम लोग नहीं जानते...
भारतीय संविधान का इतिहास
द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद जुलाई 1945 में ब्रिटेन ने भारत संबन्धी अपनी नई नीति की घोषणा की तथा भारत की संविधान सभा के निर्माण के लिए एक कैबिनेट मिशन भारत भेजा जिसमें 3 मंत्री थे. 15 अगस्त 1947 को भारत के आज़ाद हो जाने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और इसने अपना कार्य 9 दिसम्बर 1947 से आरम्भ कर दिया. संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे. जवाहरलाल नेहरू, डॉ भीमराव अम्बेडकर, डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे. इस संविधान सभा ने 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन में कुल 114 दिन बहस की. संविधान सभा में कुल 12 अधिवेशन किए तथा अंतिम दिन 284 सदस्यों ने इस पर हस्ताक्षर किया और संविधान बनने में 166 दिन बैठक की गई. इसकी बैठकों में प्रेस और जनता को भाग लेने की स्वतन्त्रता थी. भारत के संविधान के निर्माण में संविधान सभा के सभी 389 सदस्यो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, 26 नवम्बर 1949 को सविधान सभा ने पारित किया और इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था. इस सविधान में सर्वाधिक प्रभाव भारत शासन अधिनियम 1935 का है. इस में लगभग 250 अनुच्छेद इस अधिनियम से लिए गए हैं.
देश का सर्वोच्‍च कानून हमारा संविधान 1949 में अंगीकार किया गया.
भारत का संविधान, भारत का सर्वोच्च विधान है, जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर 1949 को पारित हुआ और 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हो गया. यह दिन (26 नवम्बर) भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया है जबकि 26 जनवरी का दिन भारत में गणतन्त्र दिवस के रूप में मनाया जाता है. डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर को भारतीय संविधान का प्रधान वास्तुकार या निर्माता कहा जाता है. भारत के संविधान का मूल आधार भारत सरकार अधिनियम 1935 को माना जाता है. भारत का संविधान विश्व के किसी भी गणतान्त्रिक देश का सबसे लम्बा लिखित संविधान है.
हम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी ,धर्मनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में, व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित कराने वाली, बन्धुता बढ़ाने के लिए,
दृढ़ संकल्पित होकर अपनी संविधानसभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ (मिति मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमी, संवत दो हजार छह विक्रमी) को एतद् द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं.
उद्देशिका के शब्दों का विश्लेषण
सम्प्रभु- राज्य की सर्वोपरि राजनैतिक शक्ति है कि घोषणा करती है, राज्य की राजनीतिक सीमाओं के भीतर इसकी सत्ता सर्वोपरि है तथा यह किसी बाहरी शक्ति की प्रभुता स्वीकार नहीं करती है.
समाजवादी- भारतीय समाजवाद अनिवार्य रूप से लोक तांत्रिक होना चाहिए. समाजवादी लक्ष्यों की प्राप्ति लोक तांत्रिक माध्यमों से होनी चाहिए. यह शब्द भारत को एक जनकल्याणकारी राज्य के रूप में स्थापित कर देता है.
पंथनिरपेक्षता- इसका अर्थ लौकिकता को आध्यात्मिक्ता पर वरीयता देना है, धर्म पर आधारित भेदों का सम्मान करना, अन्य धर्मों के प्रति राज्य द्वारा तटस्थता बरतना ही धर्म निरपेक्षता है, ऐसे राज्य किसी एक धर्म को प्रोत्साहन ना देकर विविध धर्मो के मध्य सहिष्णुता तथा सहयोग बढ़ाने का कार्य करें यह एक कर्तव्य है जिसके पालन से विभिन्न धर्मो के बीच सहस्तित्व स्वीकार किया जाता है. इसका लाभ यह है कि राज्य किसी धर्म के अधीन नहीं होता है.
इसी प्रकार के राज्य धर्मविरोधी, अथवा अधार्मिक न होकर धर्मनिरपेक्ष होते हैं. वे अपने नागरिकों को इच्छा अनुसार धर्म पालन का अधिकार देते हैं. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 से 28 इस से समबन्धित है.
पंथनिरपेक्षता कोई उधार लिया गया शब्द नहीं है. भारतीय साहित्य में सर्वधर्म समभाव के आदर्श के रूप में यह मौजूद था. यहां धर्म पर आधारित विभेद का विरोध किय गया है न कि राज्य का धर्म से संबंध का.
जनतंत्र - अनुच्छेद 19 तथा अनुच्छेद 326 जनतंत्र से संबंधित है भारत में बहुदलीय लोकतंत्र है.
गणतंत्र- राजप्रमुख निर्वाचित होगा न कि वंशानुगत.
26 नवंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
-सन 1885 में पहली बार उल्कापिंड की तस्वीर ली गयी.
-देश के श्‍वेत क्रांति के जनक माने-जाने वाले वर्गीज कुरियन का 1921 में जन्‍म में हुआ.
-महान् क्रिकेटर डॉन ब्रैडमैन ने 1932 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में दस हजार रन बनाये.
-देश का सर्वोच्‍च कानून हमारा संविधान 1949 में अंगीकार किया गया.
-भारत में 1960 में पहली बार कानपुर एवं लखनऊ के बीच एसटीडी सेवा शुरु हुई.
-लिस्बन में 1967 में बादल फटने से करीब 450 लोग मरे.
-ब्रिटेन की प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर ने 1990 में ब्रिटेन की महारानी को अपना इस्तीफा सौंपा था.
-1992 में ब्रिटेन की संसद ने एक ऐतिहासिक फ़ैसले में ये तय कि ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ को अपनी आय पर टैक्स देना होगा.
-मंगल ग्रह पर जीवन की संभावनाओं का पता लगाने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 1996 में अंतरिक्ष यान ‘मार्स ग्लोबल सर्वेयर’ को अंतरिक्ष में भेज.
-बीबीसी के 2002 में सर्वेक्षण में विंस्टन चर्चिल महानतम ब्रिटिश नागरिक चुने गये.
-2008 में मुंबई के प्रसिद्ध ताज होटल में घुसे आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चलाया गया.
26 नवंबर को जन्मे व्यक्ति
-प्रसिद्ध लेखक, कवि, भाषाविद और सम्पादक नाथूराम प्रेमी का जन्म 1881 में हुआ.
-प्रसिद्ध इतिहासकार और शिक्षाविद राम शरण शर्मा का जन्म 1919 में हुआ.
-प्रसिद्ध उद्योगपति एवं श्वेत क्रांति के जनक वर्गीज कुरियन का जन्म 1921 में हुआ.
-अमेरिकी कार्टूनिस्ट चार्ल्स एम. शल्ज़ का जन्म 1922 में हुआ.
-हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध सिनेमेटोग्राफ़र वी. के. मूर्ति का जन्म 1923 में हुआ.
-मशहूर वैज्ञानिक और शिक्षाविद यशपाल (वैज्ञानिक) का जन्म 1926 में हुआ.
-प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष रवि राय का जन्म 1926 में हुआ.
26 नवंबर को हुए निधन
-राजनेता व हिन्दी साहित्यकार शंकर दयाल सिंह का निधन 1995 में हुआ.
-मुंबई पुलिस में सेवारत एक वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विजय सालस्कर का निधन 2008 में हुआ.
प्रसिद्ध इतिहासकार तपन राय चौधरी का निधन 2014 में हुआ.