सिटी न्यूज़

इस तरह से छह म‍िनट के अंदर पता करें कि आप फिट हैंं या नहीं

इस तरह से छह म‍िनट के अंदर पता करें कि आप फिट हैंं या नहीं
UP City News | May 05, 2021 08:55 AM IST

नई दिल्‍ली. पूरा देश कोरोनावायरस महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है. देश में बेड और ऑक्सीजन की कमी के साथ-साथ हर दिन करीब 4 लाख मामले सामने आ रहे हैं, जिससे स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है. इतना ही नहीं लोगों की मौत भी हो रही है. ऐसे में राज्‍य सरकारें लॉकडाउन जैैसे सख्‍त कदम को उठाने पर मजबूर हो रही हैं. जब हर कोई कोरोना से इफेटेक्‍ड है तो आइए आपको कुछ ऐसे बातों के बारे बताते हैं जो आपको फिट रखने और कोरोना से लड़ने में मदद करेगी. ऐसे में सबसे जरूरी ये है कि हम अपने खानपान के साथ-साथ घर पर ही रहें और खुद को और परिवार को इस आपदा से बचाएं.

कोरोना वायरस की लड़ाई में सबसे अहम ये है कि ज्‍यादातर घर पर ही रहा जाए. जब आवश्यक हो तभी घर से बाहर निकलें. घर में जब प्रवेश करें तो हा‍थ को जरूर धाेेएं और कपड़ों को भी धो दें तो बेहतर होगा. वहीं अब देश में टीकाकरण अभियान चल रहा है तो जल्‍द से जल्‍द वैक्‍सीन लगवा लें. ताकि इस संक्रमण से बच सकें.

हम सभी विटामिन लेते रहें. हेल्‍दी खानपान खाते रहें. खुद की रोग प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ा़ना बहुत जरूरी है. इसके लिए विटामिन से भरे खानपाप का ज्‍यादा सेवन करें. व्यायाम जरूर करें. फिर भी हमें सावधान रहने की भी जरूरत हैै. लक्षणों की निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर खुद को जांचने की आवश्यकता है.

यदि आपको कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं तो मध्यमा अंगुली में ऑक्सिमीटर पहनें. अब 6 मिनट के लिए एक समान सतह पर बिना रूके चलते रहें. छह मिनट के बाद, यदि ऑक्सीजन का स्तर नीचे नहीं जाता है, तो व्यक्ति को स्वस्थ माना जाता है. फिर ऐसे में घबराने की कोई जरूरत नहीं है. वहीं डॉक्‍टरी सलाह हमेशा फायदेमंद होती है. फैमिली डॉक्‍टर से सलाह जरूर ले लें.

अगर ऑक्सीजन का स्तर 1 फीसदी या 2 फीसदी कम हो जाए तो चिंता की कोई बात नहीं है. इस मामले में, व्यक्ति को एक दिन में एक या दो बार नजर रखने के लिए व्यायाम करना चाहिए. विशेषज्ञों का कहना है. यदि ऑक्सीजन का स्तर 93 प्रतिशत से कम हो जाता है या 3 प्रतिशत से अधिक कम हो जाता है और व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होती है, तो व्यक्ति को तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए.

अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए परीक्षण की सलाह नहीं दी जाती है. साथ ही, 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग छह के बजाय तीन मिनट तक वॉकिंग टेस्ट ले सकते हैं. परीक्षण एक व्यक्ति में ऑक्सीजन की कमी का पता लगाने और उन्हें समय पर अस्पताल में भर्ती कराने में मदद कर सकता है.