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अमेरिका भी दीवाना था अभिनेत्री मधुबाला की खूबसूरती का, न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा था लेख

अमेरिका भी दीवाना था अभिनेत्री मधुबाला की खूबसूरती का, न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा था लेख
UP City News | Apr 08, 2021 07:14 PM IST

मुंबई. एक बार जब अमेरिका को अपने एक आर्टिकल सेक्शन के लिए दुनिया भर से खूबसूरत महिलाओं को शामिल करना था, तब उसने बॉलीवुड की सबसे बेहतरीन और खुबसूरत अभिनेत्री मधुबाला को इसके लिए चुना, दुनियाभर की 15 असाधारण महिलाओं के साथ मधुबाला को भी स्थान मिला. जिसमे गुज़रे जमाने की इन असाधारण महिलाओं को अपने अंदाज में श्रद्धांजलि देते हुए न्यूयार्क टाइम्स ने 'ओवरलुक्ड' में इनके योगदान का भी जिक्र किया था. उस दौरान यह केवल उनकी तस्वीरों को शामिल किया करता था लेकिन कुछ समय बाद वह उनके जीवन से जुड़े किस्से और उनके महत्वपूर्ण योगदान के बारे में भी प्रकाशित करने लगा था जिसमे से मधुबाला को भी यह स्थान प्राप्त हुआ था.

उस दौरान अखबार ने लिखा था कि जीवन परिचय में किसी शख्स की मृत्यु से अधिक उसके जीवन के बारे में लिखा जाता है. उनके आखिरी शब्द, उनकी यादें और अपने अपने क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया जाता है. अखबार में मधुबाला का जीवन परिचय आयशा खान ने लिखा है. इस खूबसूरत अभिनेत्री की तुलना अक्सर मर्लिन मुनरो से की जाती थी. अखबार उन्हें याद करते हुए लिखता है कि महज 16 साल की उम्र में अशोक कुमार के साथ वह फिल्म 'महल' में दिखीं और इसके ठीक 20 साल बाद उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. बेपनाह खूबसूरती की मल्लिका और अपने अंदर अनंत दर्द समेटने वाली मधुबाला का जीवन किसी फिल्म से कम नहीं था. जिसमें सबकुछ था, शानदार करियर, असफल प्रेम कहानी और आखिरकार गंभीर बीमारी से मौत.

कलाकारों को अभिनय की दुनिया में एक पहचान मिलती है, जब एक कलाकार अपनी कला से जुड़ता है तब वह दुनिया के हर उस पहलू के साथ जुड़ता है जीको वह अपने जीवन में अपनाता है. मधुबाला को आज भी याद किया जाता है, उनका जीवन उनकी खूबसूरती जैसा ही रहा लेकिन अक्सर अपने अभिनय से अपने काम का लोहा मनवाने वाले अभिनेता को जल्द ही उसे छोड़ कर जाना पड़ता है. ऐसा इसलिए क्योकि वो किसी बंधन में बांध कर रहना पसंद नहीं करता, शायद बॉलीवुड की इस अभिनेत्री का जीवन भी कुछ ऐसा ही रहा.

मधुबाला इतनी खुबसूरत थी की लोग इनके हाथों और पैरों से इन्हें देख कर पहचान लिया करते थे, जब भी जनता के बीच जाना होता तो वह खुस को पूरी तरह से ढक कर जाया करती लेकिन उनकी खूबसूरती के दीवानों को यह मंज़ूर कहाँ था वो फिर भी उन्हें हर हाल में पहचान लिया करते थे. लेकिन कौन जनता था इतनी जल्दी वह हम सभी की अलविदा कहा देंगी, एक लम्बी बीमारी के चलते उन्होंने बॉलीवुड को अलविदा कहा दिया था. जब मधुबाला ने अपनी आखरी साँस ली तो रातों रात उनके चाहने वालों ने उनके घर के बाहर जमावड़ा लगा दिया, यह बेहद दुखद था की इस कदर उन्होंने इस आग को बुझाया था कि सालों लग गए लेकिन उनके चाहने वालों के दिलों से उनके प्रेम की चिंगारी आज तक नही बुझ पाई. आज का दौर हो या वो दौर जब कभी मधुबाला की सांसें इस हवा में घुलती थी, सभी उनके लिए बेक़रार थे. और आज भिओ लोग उन्हें देखते हैं, पढ़ते हैं तो उनके प्रेम में डूब जाते हैं.