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27 फरवरी से शुरू हुआ लकड़ी खिलौने का वर्चुअल मेला तोड़ रहा है ड्रैगन की कमर

27 फरवरी से शुरू हुआ लकड़ी खिलौने का वर्चुअल मेला तोड़ रहा है ड्रैगन की कमर
UP City News | Feb 28, 2021 10:19 PM IST

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वोकल फार लोकल का आइडिया व आत्म निर्भर भारत की प्रेरणा से देश का पहला खिलौना वर्चुअल मेला 27 फरवरी को प्रारंभ किया गया. इस मेले में आशातीत सफलता भी मिलती दिखाई दे रही है. 4 दिनों तक चलने वाले इस मेले में चित्रकूट के लकड़ी के खिलौने ड्रेगन की कमर तोड़ते नजर आ रहे हैं. एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया कम्पनी के आलोक पांडेय की माने तो कोरोना के बाद हम चाइना को बहुत डिफीट किया है. बता दें कि चित्रकूट के लकड़ी के शानदार खिलौने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ऑनलाइन बिकने को तैयार है. लोग अपना मन पसंद खिलौना ऑनलाइन खरीद सकते हैं. खिलौने सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में उपलब्ध हैं.

27 फरवरी को खिलौनों का वर्चुअल मेला शुरू किया गया, जिसको चित्रकूट के ग्रामोदय विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट फैकल्टी से ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिये वर्चुअल किया गया. इस मेले में उत्तर प्रदेश के एक जिला एक उत्पाद में शामिल लकड़ी के खिलौनों को शामिल किया गया है. जिसमें 18 खिलौना कारीगरों को पहली बार मौका दिया गया है, जिन्होंने कई वैराइटी में अपने तैयार किये गए खिलौनों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतारा है. इस वर्चुअल मेले में देश भर से 13 क्लस्टरों को जोड़ा गया है, जिसमे उत्तर प्रदेश से चित्रकूट और बनारस को जोड़ा गया है.

एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया कम्पनी के आलोक पांडेय ने बताया कि यह वर्चुअल मेला बहुत सक्सेसफुल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की प्रेरणा के तहत जिस तरह से देश भर में खिलौना बाजार को प्रमोट किया गया है. उससे हम कोरोना के बाद चाइना को भी डिफीट किया है. उन्होंने कहा कि देश विदेश की खिलौना एक्सपोर्ट कंपनियां इस वर्चुअल मेले में शामिल होकर खिलौना की खरीद कर रही हैं. वही चित्रकूट के अलावा देश के अलग अलग हिस्सों में बनने वाले अलग अलग खिलौने भी ऑनलाइन मार्केटिंग में मौजूद है. आने वाले समय मे भारत का खिलौना व्यापार बड़ा ही सशक्त होगा.

खिलौना शिल्पकार धीरज द्विवेदी ने बताया कि चार दिन तक चलने वाले वर्चुअल मेला में हमारे खिलौने मौजूद है. लोग दो दिनों से ऑनलाइन खरीद भी रहे हैं. इस वर्चुअल मेले और ऑनलाइन मार्केटिंग से हमारी उम्मीद बढ़ गयी है और अब हम अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपने खिलौनों की अच्छी कीमत ले पाएंगे.

चित्रकूट के लकड़ी के खिलौनों ने ऑनलाइन धूम मचा रखा है. इंडियन खिलौनों ने ड्रैगन खिलौनों को पछाड़ने की दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया है और उम्मीद भी है कि कही न कही ड्रैगन को खिलौना व्यापार में भी मुह की खानी पड़ेगी.