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Urs Ala Hazrat: अंतरराष्ट्रीय सौहार्द कॉन्फ्रेंस में हिंदू-मुस्लिम एकता पर जोर, तालीम ही तरक्की का रास्ता

Urs Ala Hazrat: अंतरराष्ट्रीय सौहार्द कॉन्फ्रेंस में हिंदू-मुस्लिम एकता पर जोर, तालीम ही तरक्की का रास्ता
UP City News | Sep 23, 2022 08:54 AM IST

बरेली. सैयद-ए-आला हजरत का 104वां उर्स बेहद अकीदत के साथ शुरू हो गया. उर्स के आगाज के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सौहार्द कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर अवाम को अमन, एकजहती और एकता का पैगाम दिया गया. दरगाह के मदरसा मंजरे इस्लाम के मुफ्ती सलीम नूरी ने इस्लामी नजरिये से अमन और इंसानियत पर तकरीर करते हुए लोगों को खिताब किया. उन्होंने कहा कि इस्लाम शांति का मजहब है. इसमें सर तन से जुदा, खून-खराबा, झगड़ा-फसाद और दहशतगर्दी की कोई जगह नहीं है. मुस्लिम नौजवानों खुद को ऐसे किसी भी काम से खुद को दूर रखें. तालीम ही तरक्की का वाहिद रास्ता है, जिसे हर मुस्लिम को चुनना होगा. बता दें कि आला हजरत के उर्स के दौरान देश और दुनिया के कोने-कोने से जनसैलाब उमड़ेगा. भारत और दुनियाभर से करीब 10 लाख से अधिक जायरीन के आने की उम्मीद है. दोपहर 2 बजकर 38 मिनट पर अदा की जाएगी कुल की रस्म.

बरेली स्थ्ति दरगाह सैयद-ए-आला हजरत के 104वां उर्स शुरू हो गया है. पहले देश-दुनिया के बड़े-बड़े आलिमों ने इस्लाम की तालीम पर रोशनी डाली. मौलाना मुख्तार बहेड़वी ने सामाजिक बुराइयों और सुधार पर बात रखी और हिंदू मुस्लिमों के बीच दूरियां खत्म करने की अपील की। कहा, मुल्क और समाज की बेहतरी के लिए इस दौर में नफरतों के खात्मे की जरूरत है. मौलाना इंतजार रजवी ने कहा कि अब जरूरत है कि हिंदू-मुस्लिमों के बीच गठजोड़ के लिए देशप्रेमी आगे आकर अभियान चलाएं. कारी अब्दुर्रहमान खान कादरी ने कहा कि नौजवान भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट से बचें. उन्होंने सरकार से मांग की कि जो लोग पैगंबर-ए-इस्लाम या किसी भी मजहब के रहनुमाओं के खिलाफ टिप्पणी करते हैं, उनके लिए सख्त कानून बनाया जाए.

कॉन्फ्रेंस दरगाह प्रमुख मौलान सुब्हान राज खां की सरपरस्ती और सज्जादा मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी की सदारत में संपन्न हुई. इस दौरान मॉरीशस के मुफ्ती आसिफ मंजरी, मुफ्ती अब्दुल कादिर, साउथ अफ्रीका के कारी अलीम बरकाती, नेपाल के मौलाना फूल मोहम्मद नेमत बरकाती, मौलाना फुरकान फैजी, उड़ीसा के मौलाना आसिफ रजा, अल्लामा हसन रजा पटनवी आदि ने भी तकरीर की.

महिलाओं पर जुल्म के खिलाफ भी उठी आवाज
कॉन्फ्रेंस में महिलाओं पर जुल्म के खिलाफ भी आवाज उठी। संचालक कारी यूसुफ संभली ने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। कहा, महिलाओं के साथ होने वाले जुल्म ज्यादती और आपराधिक घटनाएं शर्मनाक हैं. इन्हें सख्ती से रोकने की जरूरत है. शादियों में फिजूलखर्ची, आपसी लडाई-झगड़े, सूदखोरी और ढोल-बाजों से बचने की भी नसीहत दी.