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बदायूं: उघैती समूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड मामले में पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट

बदायूं: उघैती समूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड मामले में पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट
UP City News | Feb 17, 2021 02:43 PM IST

बदायूं. गत 3 जनवरी की रात उघैती के सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड मामले में पुलिस ने कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट दाखिल करने के दौरान पुलिस ने इस मामले में मुरादाबाद, गाजियाबाद और लखनऊ की फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट, आरोपियों के मोबाइल लोकेशन, अस्पताल की सीसीटीवी को आधार बनाया है, वहीं दुष्कर्म और हत्या करने का मुख्य आरोपी पुजारी सत्यनारायण को बनाया है. जबकि दो अन्य आरोपी जयराम और वेदराम को साक्षी साक्ष्य छुपाने का 201 के तहत आरोपी बनाया गया है.

उघैती थाना क्षेत्र में 3 जनवरी की रात को दुष्कर्म और हत्याकांड मामले में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. पुलिस ने इसकी विवेचना में दुष्कर्म और हत्या का आरोपी पुजारी सत्यनारायण को माना जबकि दो अन्य आरोपियों को साक्ष्य छिपाने और गलत सूचना देने के आरोप में आरोपी बनाया है. उनके खिलाफ धारा 201 के तहत कार्रवाई की गई है. यह वारदात तीन जनवरी की रात हुई थी. उघैती थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला नजदीकी गांव में पूजा करने गई थी. रात करीब साढ़े 11 बजे धर्मस्थल का पुजारी सत्यनारायण दास, गांव का वेदराम और जसपाल महिला को गंभीर हालत में बोलेरो में लेकर उसके घर पहुंचे थे. परिवार वालों ने आरोप था कि तीनों लोगों ने महिला के साथ दुष्कर्म करने के बाद कोई बजनदार चीज से वार किया. महिला को जब घर यह तीनों लोग छोड़ कर गए तभी थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई.

परिवार वालों की शिकायत के बाद जब पुलिस ने नहीं सुनी जब अधिकारियों के संज्ञान में मामला आया तब पोस्टमार्टम कराया गया. पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने 302 और 376 डी के तहत मामला दर्ज करा है. इस मामले में तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है. जब यह मामला जब तूल पकड़ने लगा और मुख्यमंत्री योगी ने संज्ञान लिया तब बदायूं पुलिस जगी और दो आरोपियों को तो पकड़ लिया. जबकि तीसरा मुख्य आरोपी सत्यनारायण फरार हो गया है. उसपर पुलिस ने ईनाम भी दाखिल कर दिया. ग्रामीणों ने पकड़ कर मुख्य आरोपी सत्यनारायण को पकड़कर पुलिस को सौंपा. वहीं इस मामले में थाना अध्यक्ष को एसएसपी ने निलंबित कर दिया था और उसके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई. जबकि थाने के एक दरोगा को भी सस्पेंड किया गया था.