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एक मां बच्चों का नहीं कर सकी होमवर्क तो खुद भी ले लिया उसी, स्कूल में दाखिला

एक मां बच्चों का नहीं कर सकी होमवर्क तो खुद भी ले लिया उसी, स्कूल में दाखिला
UP City News | Feb 16, 2021 02:31 PM IST

बाराबंकी. उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी के हैदरगढ़ में एक मां को अनपढ़ होने की वजह से अपने बच्चों का होमवर्क न करा पाना इतना कचोट गया कि उसने खुद भी स्कूल में एडमिशन ले लिया. उस महिला का कहना है कि वह पढ़कर बच्चों को सिखाएगी. स्कूल टीचर ने अधिकारियों से इजाजत लेने के बाद महिला एडमीशन कर लिया. अब कक्षा 2 में आ गई है. घर के कामकाज से फुरसत मिलने के बाद पढ़ने के लिए स्कूल आ जाती है. आइए बताते हैं इस महिला के बारे में.

हैदरगढ़ क्षेत्र के पूरेअजान का पुरवा मजरे रानीपुर गांव की 26 वर्षीय सीतापति से एक दिन उनके बच्चों ने होमवर्क कराने के लिए कहा. वो पढ़ी लिखी नहीं थी, इस वजह से होमवर्क नहीं कर सकीं. इस बात से उन्हें बहुत आहत किया. इसके बाद उन्होंने संकल्प लिया कि अब वो स्कूल जाएंगी और फिर इस काबिल बनेंगी कि अपने बच्चों को पढ़ा सकें. करीब एक साल से वो स्कूल में पढ़ रही हैं. इस दौरान उन्होंने अक्षरों को जान लिया है और अब बच्चों का होमवर्क कराने में भी मदद करने लगी हैं.

बता दें कि पूरे अजान का पुरवा मजरे रानीपुर के राम सागर भी पढ़े लिख्रे नहीं हैं. दोनों को शुभी व राज दो बच्चे हैं. इसमें प्राथमिक विद्यालय पूरे अंजान में शुभि कक्षा दो में पढ़ती है जबकि राज आंगनबाड़ी में पढ़ता है. रामसागर मजदूरी कर परिवार का जीवन यापन करता है. सीतापति ने बताया कि जब वो बच्चों का होमवर्क नहीं कर सकीं थीं तो सीतापति ने बताया कि विद्यालय की शिक्षिका प्रीतू सिंह ने एक चिट्ठी लिखकर भेजाए जिसे खुद न पढ़ सकी. इसके बाद किसी और पढ़वानी पड़ी. इसके बाद सीतापति ने विद्यालय पहुंचकर शिक्षिका प्रीतू सिंह को बताया कि मैं और मेरे पति अनपढ़ हैं और शिक्षिका से खुद को पढ़ाने का आग्रह किया. इस शिक्षिका ने खंड शिक्षा अधिकारी हैदरगढ़ नवाब वर्मा से अनुमति के लिए पत्र लिखा और वहां अनुमति मिलने के बाद वो स्कूल में पढ़ने लगीं.