सिटी न्यूज़

सात कत्‍ल की दोषी शबनम की फांसी एक बार फिर टली, जानिए क्यों?

सात कत्‍ल की दोषी शबनम की फांसी एक बार फिर टली, जानिए क्यों?
UP City News | Feb 23, 2021 10:38 PM IST

अमरोहा. यूपी में अमरोहा के हसनपुर थाना क्षेत्र के बावन खेड़ी गांव में सात लोगों हत्या की दोषी शबनम की ओर से राज्यपाल को दया याचिका दाखिल कर दी गई. जब तक दया याचिका पर फैसला नहीं आ जाता. तब तक के लिए फांसी को टाल दिया गया है. बता दें कि फांसी की दया याचिका को राष्ट्रपति ने खारिज कर दिया था. अब दोनों को फांसी होना तय थी.

गौरतलब है कि सात लोगों की हत्या के आरोप में प्रेमी युगल सलीम और शबनम को जिला जज की कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी. इसके खिलाफ दोनों ने हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट से लेकर दौड़ लगाई लेकिन राहत नहीं मिली. अंत में राष्ट्रपति के पास दया याचिका दाखिल की, राष्ट्रपति ने जिसे खारिज कर दिया.

मालूम हो कि अमरोहा के हसनपुर थाना क्षेत्र के बावन खेड़ी गांव में हुई सात लोगों की हत्या से पूरे देश में हड़कंप मच गया था. इस नरसंहार को शबनम ने अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने ही परिवार के सात लोगों को मौत की नींद सुला दिया था. ये घटना 14 अप्रैल 2008 की है. इस मामले में पहले अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. विवेचना में सामने आया कि सलीम ने हत्या की है. हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी उसने बरामद करायी. सलीम ने बताया कि हम लोगों ने पहले छह लोगों की हत्या की थी. जब मैं घटना स्थल से दूर निकल गया था तभी शबनम ने फोन करके बताया कि एक बच्चा बच गया है. तब उसने कहा कि मैं काफी दूर निकल आया हूं इसलिए उसे तुम देख लो. तब शबनम ने बच्चे की हत्या की.

शबनम ने 2008 में ही जेल में एक बेटे को जन्म दिया था. शबनम ने बेटे का जान का खतरे का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की थी. जिसमे शबनम ने कोर्ट से कहा है कि उसका बेटा अकेला है और पुश्तैनी जमीन का अकेला वारिस है. उसकी जान को खतरा है और इस पर दोबारा से विचार किया जाए, लेकिन कोर्ट ने उसकी रिव्यू पिटीशन को भी खारिज कर दिया था. जिस पर 15 फरवरी 2021 को राष्ट्रपति ने डेथ वारेंट जारी कर दिया. शबनम इस समय रामपुर जेल में बंद है.