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बोर्ड परीक्षा के ‘फर्जी पत्र’ से छूटे विद्यार्थियों और अधिकारियों के पसीने

बोर्ड परीक्षा के ‘फर्जी पत्र’ से छूटे विद्यार्थियों और अधिकारियों के पसीने
UP City News | May 17, 2021 10:43 PM IST

अलीगढ. यूपी बोर्ड परीक्षा के नाम से विद्यार्थियों के साथ ही अफसरों के भी पसीने छूट जाते हैं. परीक्षाएं हो तो विद्यार्थियों को टेंशन होती है और परीक्षाओं में गड़बड़ी हो या फिर गलत सूचना प्रसारित हो जाए तो अफसरों को टेंशन होती है. ऐसा ही माध्यमिक शिक्षा विभाग के सामने भी वाकया आया है. इससे जिलास्तर पर अफसर ही नहीं बल्कि बोर्ड व शासनस्तर तक आलाधिकारियों में टेंशन का माहौल बन गया. आखिरकार फर्जीवाड़े से उपजे संशय को खत्म करने के लिए आलाधिकारियों को पत्र तक जारी करना पड़ गया.

यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 24 अप्रैल से होनी थी लेकिन त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चलते उन्हें स्थगित कर दिया. बोर्ड ने इसकी तरीख आठ मई के बाद कराने को कहा. लेकिन कोरोना के चलते सभी जिलों में मरीजों की मौत होना शुरू हो गई, जिसके मद्देनजर 15 मई तक स्कूल बंद करने के आदेश जारी कर दिए. इसके बाद 25 मई तक स्कूल बंद होने के आदेश शासन ने भेज दिए. एहतियातन बोर्ड परीक्षाएं जुलाई तक कराने की बातें भी बोर्ड की ओर से सामने आईं. ऐसे में किसी ने इंटरनेट मीडिया पर पांच जून से यूपी बोर्ड परीक्षाएं कराने का शासन का ‘फर्जी’ पत्र वायरल कर दिया. पत्र के वायरल होते ही इसको एक ग्रुप से दूसरे ग्रुप में शेयर करते हुए तेजी से शिक्षा जगत तक पहुंच गया. अफसरों के फोन की घंटियां बजने लगी, ऐसे में अफसरों ने इसकी सूचना यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ तक पहुंचाई.

सोमवार को बोर्ड से जारी हुए पत्र जून में परीक्षाएं कराने के जो आदेश वायरल हो रहे हैं वह फर्जी हैं. इस संदेश को वायरल करने वालों पर एफआइआर दर्ज कराने का कदम भी बोर्ड की ओर से उठाया जा रहा है. जिला विद्यालय निरीक्षक डा. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने प्रधानाचार्यों से कहा कि पांच जून से परीक्षाएं कराने के आदेश फर्जी हैं. जब परीक्षाएं कराने के संबंध में शासन व बोर्ड से आदेश आएंगे तो व्यवस्थाएं दुरुस्त करने संबंधी पत्र जारी किया जाएगा.