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एमडीएम योजना के नाम पर छात्रों के जीवन से हो रहा खिलवाड, आऐ दिन भोजन में निकल रहे कीड़े

एमडीएम योजना के नाम पर छात्रों के जीवन से हो रहा खिलवाड, आऐ दिन भोजन में निकल रहे कीड़े
UP City News | Aug 05, 2022 10:52 PM IST

एटा/मारहरा. सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों में स्थित प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के अलावा प्रदेश के सहायता प्राप्त इंटर कालेज में जूनियर कक्षाओं के छात्र/छात्राओं के लिए चलाई जा रही मध्यान भोजन की एमडीएम योजना इन दिनों एनजीओं की बपौती बनती जा रही है. इस योजना के तहत छात्र-छात्राओं के साथ भोजन के नाम पर छलाबा किया जा रहा है. जुम्मेदारों की शिकायतों के बाबजूद प्रशासनिक अधिकारी असहाय नजर आ रहे हैं. इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इन संस्था संचालकों की उंची पहुंच के चलते इनके बिरूद्ध कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है. विद्यालय संचालकों ने इस संस्था के बिरूद्ध कार्रवाई किए जाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराते हुए दोषियों के बिरूद्ध कार्रवाई की मांग की है.

कस्बा मारहरा में बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित आधा दर्जन प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के अलावा दो सहायता प्राप्त इंटर कालेजों में लगभग 2100 छात्र/छात्रायें अध्ययनरत हैं. जिनके लिए मध्यान भोजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी अलीगढ के एनजीओ अशर्फीदेवी ग्रामोद्योग सस्थान को दी गई है. यह भोजन इन बच्चों तक पहुंच भी रहा है या नहीं इसकी पडताल के लिए जब संवाददाता कस्बा के सहायता प्राप्त रानी अवन्ती बाई इंटर कालेज एवं एमजीएचएम इंटर कालेज में पहुंच तो वहां मध्यान भोजन की जानकारी मिलने के बाद ऐसा लगा कि एनजीवों द्वारा भोजन के नाम पर बच्चों के जीवन से खिलबाड किया जा रहा है साथ ही अब तक शिक्षा सत्र के तीन माह बीत जाने के बाद भी एक भी दिन सोमवार को मिलने बाले फल एवं बुधवार को मिलने बाला दूध मिलना तो दूर उसके दर्शन तक नहीं हुए हैं.

वहीं मध्यान भोजन कभी मीनू के अनुसार नहीं बना जो भी भोजन दिया जा रहा है. उसमें कीडे मकोडों के निकलने के चक्कर में प्रधानाचार्य द्वारा उसे फिकबा दिया जाता है या फिर बांटने से ही मना कर दिया जाता है. विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से जब इस संबंध में वार्ता की गई तो उनके अनुसार जो भी सूचना है. उसकी जानकी लिखित रूप में जिले के डीआईओएस को उपलब्ध करा दी गई है. सूचना के बाद भी विभागीय अधिकारी संस्था एनजीओ के बिरूद्ध कार्रवाई नहीं हो पाना स्पष्ट दर्शाता है कि इस एनजीओ की पहुंच बहुत उपर तक है. विद्यालय के प्रधानाचायो्रं एवं शिक्षकों ने छात्र हित में इस एनजीवों को काली सूची में डालकर मध्यान भोजन मीनू के अनुसार अच्छी क्वालिटी का दिलवाए जाने की मांग की है.