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Aligarh में PM Awas के लिए वर्षों से ये लोग लगाए हैं आस, नहीं लाभ

Aligarh में PM Awas के लिए वर्षों से ये लोग लगाए हैं आस, नहीं लाभ
UP City News | Nov 26, 2021 03:38 PM IST

अलीगढ़. शहरी गरीबों को अपना आशियाना बनाने के लिए जारी केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवासीय योजना शहरी तमाम व्यवस्थाओं के दावों के बावजूद गरीबों के लिए दिवास्वप्न बनकर रह गई है. योजना का हिस्सा बनकर अपनी जमीन पर आवास निर्माण के आकांक्षी गरीब भटक रहे हैं. वर्तमान में लंबित 2500 से ज्यादा आवेदन इसके स्पष्ट गवाह हैं. यही नहीं तमाम लाभार्थी ऐसे भी हैं, जिन्हें एक किश्त मिलने के बाद दूसरी किश्त का इंतजार है. लेकिन सर्वेयरों के चंगुल में फंसकर इनके अरमान अभी तक अधूरे हैं.

केस-1
हरदुआगंज निवासी लक्ष्मीदेवी पत्नी मुकेश ने बताया कि ढाई साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत पहली किश्त का 50 हजार रुपया आया था. इस पैसे से हमने अपने प्लाट में फाउंडेशन आदि का निर्माण कराया. इसके बाद से कोई किश्त न मिलने के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका. हालात यह है कि मैं अपने दो बच्चों के साथ देवर के घर रह रही हूं. मेरे प्लाट में खरपतवार उग आए हैं. डूडा दफ्तर जाओ तो वहां से नए-नए नियम बताकर टहला दिया जाता है.

केस-2

मोहल्ला अहीरपाड़ा निवासी सत्यभान पुत्र रामपाल की मां ने बताया कि तीन साल पहले उनके खाते में पहली किश्त की धनराशि आई थी. इस पैसे से हमने अपने प्लाट की नींव भरवा दी. इसके बाद सर्वेयर आए और पूछताछ कर चले गए. तब से हम इंतजार कर रहे हैं कि दूसरी किश्त का डेढ़ लाख रुपया आए तो हम काम को आगे बढ़ाकर अपना मकान बनवा सकें. मेरा पुत्र कई बार डूडा कार्यालय के चक्कर काट आया है. लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई. बहुत परेशान हूं.

योजना का हाल
-वर्ष 2015-16 में आई यह योजना जिले में वर्ष 2017-18 में हुई एक्टीवेट
-अब तक 18220 लाभार्थियों को मिला है योजना का लाभ
-2500 से ज्यादा आवेदन पड़े हैं डूडा कार्यालय में लंबित

आवास न बनाने पर 750 को नोटिस जारी
प्रधानमंत्री आवासीय योजना शहरी में किश्त लेने के बावजूद आवास का निर्माण न करने पर 750 लाभार्थियों को नोटिस जारी किए गए हैं. इन सभी को 15 दिन में आवास निर्माण कराने का अल्टीमेटम दिया गया है. चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित अवधि में निर्माण शुरू नहीं कराया तो उनसे रिकवरी कराई जाएगी.

योजना के प्रावधान
-लाभार्थी को दिया जाता है आवास निर्माण के लिए कुल 2.50 लाख का अनुदान
-लाभार्थी को पहली किश्त का 50 हजार रुपया नींव भरने के लिए
-दूसरी किश्त का 1.50 लाख रुपया चारों दीवारें एवं छत का लेंटर डालने के लिए
-आवास पूर्ण होने पर अपने नाम एवं योजना के नाम का शिलापट्ट लगाने पर तीसरी किश्त का 50 हजार
-जियो टैगिंग भी होनी अनिवार्य है.

योजना की पात्रता
-नगरीय क्षेत्र का निवासी होना चाहिए
-तीन लाख रुपये वार्षिक आय होनी चाहिए
-पति-पत्नी व बच्चों को परिवार माना जाएगा
-कोई अकेला भी है और बेघर है तो वह भी पात्र

पांच चरण में चेकिंग की व्यवस्था
योजना में पांच चरण में चेकिंग की व्यवस्था है. शासन द्वारा नामित संस्था सरयू बाबू इंजीनियरिंग रिसोर्स डवलपमेंट संस्था यह काम करती है. पहले चरण में खाली जगह की जियो टैगिंग होती है. दूसरे चरण में नींव भरने के बाद, तीसरे चरण में लेंटर डलने से पहले, चौथे चरण में छत पड़ने तथा 5वें चरण में आवास पूर्ण होने के बाद जियो टैगिंग का प्रावधान है. इस संबंध में पीओ डूडा प्रभात मिश्रा का कहना है कि प्रधानमंत्री आवासीय योजना शहरी में सर्वे से लेकर मकान पूर्ण होने तक जियो टैगिंग की व्यवस्था है. यह काम नामित संस्था के सर्वेयर करते हैं. नियमानुसार किश्त का पैसा लाभार्थी के खाते में डाला जाता है. वर्तमान में 2500 से अधिक आवेदन पेंडिंग हैं. इनका सत्यापन कराया जा रहा है.