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Etah News: एनआरएलएम योजना महिलाओं के लिए बनी परिवार तारणहार, सरकार महिलाओं को बना रही स्वरोजगार

Etah News: एनआरएलएम योजना महिलाओं के लिए बनी परिवार तारणहार, सरकार महिलाओं को बना रही स्वरोजगार
UP City News | Oct 17, 2021 05:38 PM IST

एटा. शासन प्रशासन एनआरएलएम योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के स्तर को उॅंचा उठाने का प्रयास कर रही हो, लेकिन सरकार की इस योजनाओं पर बैंक पानी फेरते नजर आ रहे हैं. काफी शिकायतों के बाद भी बैंक या तो खाता ही नहीं खोल रहे या फिर उनको ऋण देने में आनाकानी करते हैं जिससे यह सरकार की योजना सफल होती नहीं दिख रही है. ग्रामीण महिलाओं ने डीएम से खाता नहीं खोलने बाली बैंको के बिरूद्ध कार्रवाई की मांग की है.

प्रदेश सरकार ने अब तक ग्रहणी कहने एवं समझे जाने बाली महिलाओं के माध्यम से परिवारों के स्तर को उॅंचा करने के लिए काफी योजनाऐं संचालित कराई हैं जिनमें आंगनवाडी राशन, बैंक से लिए जाने बाला ऋण, सामुदायिक शौचालय का संचालन, खादी ग्रामोद्योग, जिला उद्योग केन्द्र से लिए जाना बाला अनुदान ऋण, बैंक सखी एवं समूह सखी, मनरेगा आदि योजनाओं को सवयं सहायता समूह से जोड दिया है. इन समूहों के माध्यम से ही अधिकतर कार्य महिलाओं द्वारा ही कराए जा रहे. इन समूह का खाता खोले जाते ही सरकार प्रत्येक समूह में 1500, 15000 एवं एक लाख 10 हजार रूपया तत्काल खाते में भेज देती जिनसे समूह की सभी 10 महिलाए आपस में मिलकर किसी भी कार्य परिवार के भरण पोषण एवं परिवार के स्तर को उठाये जाने के लिए कर सकती हैं. इसी के साथ- साथ यदि समूह को किसी भी कार्य को संपादित कराने के लिए इससे अधिक धन की आवश्यक्ता होने पर बैंक इन समूहों को कम व्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराता है और समय समय पर यह समूह बैंक को किस्त के रूप में ऋण चुकता करेंगे.

क्या बोले विकास खंड के अधिकारी

विकास खंड के एनआरएलएम योजना के पटल प्रभारी सहायक विकास अधिकारी आईएसवी कुलदीप कुमार कुशवाह का कहना है कि अब निकट भविश्य में आने बाली सभी योजनाओं में महिलाओं का प्रमुख योगदान होगा. श्री कुशवाह का यह भी कहना है कि सरकार प्रदेश की समस्त महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार प्राप्त कराकर कामकाजी महिलाओं के रूप में देखना चाहती है वो दिन चले गए जब महिलाओं को बोझ समझा जाता था. अब देश व प्रदेश की बागडोर भी महिलाऐं भी संभालती हैं.