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भारी वारिस से 80 प्रतिशत फसल हुई नष्ट, पीडित किसानों ने सीएम से लगाई मुआवजे की गुहार

भारी वारिस से 80 प्रतिशत फसल हुई नष्ट, पीडित किसानों ने सीएम से लगाई मुआवजे की गुहार
UP City News | Sep 23, 2022 09:28 PM IST

एटा. लगातार भारी बर्षा होने के चलते किसानों की बर्बादी की किताव के पन्ने पूर्ण रूप से खुल चुके हैं वह किसान चाहे किसी भी तरह की फसल या फिर शब्जियां करने बाले ही क्यों ना हों. इस भारी बर्षा से बर्बाद होने बाले किसानों ने प्रदेश के सीएम से नष्ट फसलों के मुआवजा दिलाए जाने की गुहार लगाई है ताकि उनके परिवार का भरण पोषण हो सके.

जिले मे सूखा से परेशान किसानों ने जैसे तैसे बिजली का दंश झेलकर अपनी फसलों का बर्वादी एवं नष्ट होने से रोकने के लिए निजी पंपसैटों का सहारा लेकर जिंदा रखा लेकिन उन बेचारों को क्या पता था कि ईश्वर की मार से वह नहीं बच सकते और एक झोंका बर्षात का आया और सभी फसलों को नष्ट कर गया.

हजारों रूपया की लागत लगाकर किसानों द्वारा तैयार की जाने बाली फसल एक ही झटके में नष्ट हो गई. किसानों द्वारा कर्जे पर जमीन पटटे पर लेकर लाखों रूपया की लागत लगाने एवं फसल बबा्रद होने से वह आहत है. वहीं, किसान अब इस सोच में पडा है कि आखिर इस ब्याज पर लिए गए कर्जे की भरपाई अव वह कैसे पर पाऐगा. किसानों ने प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से अपनी बर्बाद फसल का आंकलन कर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है, ताकि उनके परिवार के भरण पोषण में कुछ मदद मिल सके.

किसानों की बाजरा, मक्का एवं धान की फसल बर्वाद होने के साथ-साथ शब्जी की फसल उगाने बाले किसानों की किस्मत भी धोखा दे चुकी है. इन शब्जियों की फसल नष्ट होने के कारण अब आम आदमी की रसोई भी मंहगी हो जाऐगी. शव्जी पर मंहगाई की मार से आम आदमी क्ेसे शब्जी खा सकेगा, इसका अनुमान तो आप लगा ही सकते हैं. शब्जी करने बाले किसानों ने बताया कि गोभी, गूली, पालक, मैथी, टमाटर, हरी मिर्च, वैंगन, तोरई, लौकी एवं काशीफल की फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है.