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पिता कमाता है 8 हजार, पब्जी का लती बेटा 55 हजार का मोबाइल लेने की जिद पर अड़ा, फिर सामने आया गंभीर नतीजा

पिता कमाता है 8 हजार, पब्जी का लती बेटा 55 हजार का मोबाइल लेने की जिद पर अड़ा, फिर सामने आया गंभीर नतीजा
UP City News | Jun 10, 2022 11:37 AM IST

लखनऊ. अभी हाल ही में यूपी (UP) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में पब्जी के लती एक नाबालिग बेटे ने अपनी मां की हत्या कर दी थी. अब एक और पब्जी के लती बेटे की कारस्तानी सामने आई है. 8000 रुपये महीना कमाने वाले सिक्योरिटी गार्ड के बेटे ने अपने पिता से 55000 हजार रुपये कीमत का मोबाइल लेने की जिद ठान ली. पिता ने खूब समझाया की माली हालत ठीक नहीं है. लेकिन वह नहीं माना घर के बर्तन कुर्सी में छोड़ने लगा बेटे की जीत के आगे पिता मजबूर हो गया और उधार लेकर किस्त पर मोबाइल दिला दिया. इसके बाद उसे केजीएमयू के मानसिक रोग विभाग में दिखाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है.

जानकारी के मुताबिक सीतापुर बिसवां निवासी एक व्यक्ति सिक्योरिटी गार्ड का काम करता है. उसे महीने में 7 से ₹8000 मासिक वेतन मिल रहा है. पत्नी और इकलौते बेटे के संग व लखनऊ के रकाबगंज में रहता है. सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि कोविड-19 ऑनलाइन क्लास चल रही थी. लिहाजा छोटा फोन लाकर बेटे को दिया था. पढ़ाई के साथ—साथ बेटा कब मोबाइल पर गेम खेलने लगा, उसे इस बात का अंदाजा नहीं लगा. उसने फिर दोस्तों से मिलना जुलना भी बंद कर दिया. देर रात तक पढ़ाई के नाम पर मोबाइल में गेम खेलता रहा. एक दिन उसने बड़ी कंपनी की मोबाइल लेने की जिद की तो पहले समझाया कि बेटा मेरे पास इतने पैसे नहीं है लेकिन वह नहीं माना.

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सिक्योरिटी गार्ड पिता का कहना है कि वह घर में तोड़फोड़ करने लगा. कभी बर्तन तोड़ देता कभी मेज तोड़ देता. कभी किसी और सामान को तोड़ने लगा. उसकी जिद के आगे उसे झुकना पड़ा और दोस्तों से उधार रुपए लेकर ₹55000 कीमत का मोबाइल दिलाना पड़ा. मोबाइल उसने किस्त पर लिया है. वहीं उसके दोस्तों ने बेटे को डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी तो सिक्योरिटी गार्ड अपने बेटे को लेकर केजीएमयू मानसिक रोग विभाग में पहुंचा. जहां डॉक्टर पवन कुमार गुप्ता की ओपीडी में उसका इलाज शुरू हुआ. डॉ पवन का कहना है कि बच्चा ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर ओसीडी की चपेट में आ गया है. उसका इलाज किया जा रहा है. फिलहाल वह पहले से बेहतर महसूस कर रहा है.