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Whatsapp Chatting कर सिपाही से पहले दोस्ती की फिर फर्जी मुकदमे में फंसाने की दी धमकी, पढ़िए फिर क्या हुआ…

Whatsapp Chatting कर सिपाही से पहले दोस्ती की फिर फर्जी मुकदमे में फंसाने की दी धमकी, पढ़िए फिर क्या हुआ…
UP City News | Oct 14, 2021 10:44 AM IST

प्रतापगढ़. प्रतापगढ़ जिले के कोतवाली पट्टी थाने में तैनात सिपाही के साथ ही ब्लैकमैलिंग करने का मामला सामने आया है. मामले के अनुसार एक महिला ने वाट्स एप चैटिंग (whatsapp chatting) के जरिए पहले तो सिपाही से दोस्ती की. उसके बाद उस सिपाही को फर्जी मुकदमे में फंसाकर जिंदगी बर्बाद कर देने की धमकी देते हुए उससे पैसों की मांग की. कांस्टेबल की शिकायत के बाद सक्रिय हुई कोतवाली पुलिस ने तीन को दबोच लिया.

जानकारी के अनुसार पट्टी कोतवाली में कांस्टेबल शिव कुमार यादव की तैनाती है. कुछ दिन पहले एक महिला ने उसे वाट्स एप कालिंग की और धीरे-धीरे वह उससे चैट करने लगी. चैटिंग में उसने अतरंग मैसेज भी किए. फिर उसने सिपाही को ब्लैकमेल करते हुए दो लाख की मांग करने लगी. अचानक धमकी और ब्लैकमेलिंग से सिपाही परेशान हो उठा. उसने इसकी जानकारी कोतवाल गणेश सिंह सहित अन्य को दी. बाद में पुलिस ने अपना जाल बिछाया और जिनके नंबर से काल आती थी, उन्हें ट्रेस किया गया. पुलिस पूरे मामले की गहराई से छानबीन में जुटी थी. बुधवार को उड़ैयाडीह मोड़ पर इस मामले में आरोपित महिला समेत तीन लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया. जब उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई तो पता चला कि यह गिरोह उस महिला को ब्लैकमेलिंग का मोहरा बनाकर धन उगाही करता रहा है. महिला इसी तरह लोगों के मोबाइल पर वाट्स एप कालिंग कर बातों के जाल में फंसाती थी.

जौनपुर और भदोही के हैं शातिर

पैसे नहीं देने पर जालसाज महिला फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगती थी. पकड़ी गई महिला ने अपना नाम रोशनी सरोज पुत्री राकेश सरोज निवासी कसेरूआ थाना मीरपुर जिला जौनपुर बताया. उसके दो साथी अखिलेश सरोज पुत्र अक्षयबर सरोज निवासी गुड़ाई मोहल्ला कस्बा व थाना मुंगरा बादशाहपुर जिला जौनपुर तथा मुकेश सिंह पुत्र गुलाब सिंह निवासी कीर्तिपुर थाना सुरियावा जिला भदोही हैं. पुलिस की पूछताछ में पता चला कि ये तीनों गैंग बनाकर लोगों को ब्लैकमेल करते हुए वसूली करते हैं. कांस्टेबल शिव कुमार यादव ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस ने मुकदमे के आधार पर हिरासत में लिए गए तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. कोतवाल गणेश सिंह ने बताया कि इस गिरोह ने कई और लोगों को शिकार बनाया है लेकिन बदनामी के डर से किसी ने शिकायत नहीं की है.