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चोरों का एक गैंग ऐसा भी, दिन में भगवान की भक्ति और रात में चोरी, भंडारे में भी देते थे चोरी के रुपये

चोरों का एक गैंग ऐसा भी, दिन में भगवान की भक्ति और रात में चोरी, भंडारे में भी देते थे चोरी के रुपये
UP City News | Oct 16, 2021 04:09 PM IST

कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में 8 तारीख को हुई चोरी की घटना को पुलिस ने हफ्ते भर में खोल दिया है. पुलिस ने वारदात में शामिल 4 अभियुक्तों को दबोचकर माल भी बरामद कर लिया. अभियुक्त तब हत्थे चढ़ गए जब वो चोरी के माल को बेचने की फिराक में थे. घटनाक्रम के मुताबिक पनकी बी ब्लाक में अज्ञात चोरो द्वारा ताला तोडकर ज्वैलरी व नगदी चोरी कर ली थी. उस वक्त परिवार किदवई नगर में जागरण कार्यक्रम में गया था.

इस सम्बन्ध में वादी श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय पत्नी स्व0 रामसेवक पाण्डेय ने थाना पनकी कानपुर नगर ने तहरीर दी थी. पुलिस ने हुई लाखों की चोरी का मुकदमा लिखकर जांच शुरू कर दी. बीती रात पुलिस को चोरों के सम्बंध में सटीक सूचना मिली तो पुलिस ने अपना जाल बिछाया जिसमें तीन अभियुक्त अजय प्रजापति, राजीव कुमार सिंह उर्फ राजू और राहुल बताए।.

सख्ती से पूछा गया तो उन्होंने माल के बारे में जानकारी देते हुए वारदात कबुल कर ली. उन्होंने बताया कि हम अनमोल सिंह नि0 डूडा कालोनी रतनपुर के साथ मिलकर वीरेन्द्र स्वरूप स्कूल के पीछे एक बन्द मकान में ताला तोड़कर चोरी किये थे. अनमोल की मां मंजू देवी भी इसमें साथ देती है. इस पर पुलिस ने मंजू को भी नारायना तिराहा से चोरी की ज्वैलरी बेचने ले जाते समय गिरफ्तार कर लिया.

अभियुक्तओं द्वारा रात्रि मे अपनी वाइको से घूम-घूम कर ताला बंद मकानो को देखते थे और 01 बजे के आसपास जब उस मकान के आसपास लोग गहरी नीद मे सोने की स्थिति मे होते हैं तो ताला तोडकर मकान मे घुसकर चोरी करते थे. ताला तोडने का काम अनमोल द्वारा किया जाता है तथा ज्वैलरी बेजने का काम अमित द्वारा किया जाता है अनमोल के सारे कामो की जानकारी मां मन्जू शर्मा को रहती है. कुछ घटनाओं के माल मां के द्वारा भी बेचा जाता है.

अभियुक्त गण कई घटना करने के वाद भी जेल नही गये हैं. क्योंकि अभियुक्त अजय प्रजापति पनकी मन्दिर व आस-पास मे होने वाले भण्डारे का आदि मे वढ़–चढ़ के हिस्सा लेता थे. इसी प्रकार अभियुक्त राहुल गुप्ता पनकी रेलवे स्टेशन के सामने चाट समोसे की ठेला लगाता है और अपने को धार्मिक कामो मे व्यस्त होना दिखाता था. राजीव कुमार प्राइवेट कम्पनी मे काम करता है. इसलिए किसी को इन पर कभी शक नहीं हुआ.