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Ram Barat in agra: में रामधुन के साथ ही पेश की कव्वाली, लोग बोले, यहीं असली भारत, नफरतों के दौर में जागी अमन की उम्मीद

Ram Barat in agra: में रामधुन के साथ ही पेश की कव्वाली, लोग बोले, यहीं असली भारत, नफरतों के दौर में जागी अमन की उम्मीद
UP City News | Sep 22, 2022 12:32 PM IST

आगरा. उत्तर भारत के सबसे मशहूर जनकपुरी महोत्सव की राम बारात इस बार अद्भुत, अदुलनीय और अविश्वसीन रही. एक ओर नफरतों के बीच हिंदू-मुस्लिम की खाई खोदी जा रही है तो कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस मुल्क की अमनपरस्त रूह को बर्बाद होने से बचाए हुए हैं. कुछ इसी तरह की पहल ताजनगरी में जनकपुरी महोत्सव के तहत राम बारात में देखने को मिली. बुधवार की रात को बारात तो प्रभु श्री राम की निकाली लेकिन इसमें सर्वधर्म सद्भावना का ऐसा समावेश देखने को मिला कि लोग तारीफ किए बिना नहीं रह सके. राम बारात के दौरान मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्री राम की रामधुन की ध्वनि सुनाई दी तो सूफियाना कव्वाली भी लोगों को सुनने को मिलीं. गुरुवाणी के साथ ही णमोकार भजन ने पूरे वातारण को भक्तिमय बना दिया. रामबारात में शामिल हर भक्त के मुहं से बस ही निकला इस बार की प्रभु राम की बारात अद्भुत, अदुलनीय और अविश्वसीन रही.
राम बरात की शुरूआत जामा मस्जिद के पास बने मनःकामेश्वर मंदिर से हुई. इस दौरान मिलन बैंड ने हर-हर शंभू.... भजन से की.

मिलन बैड के एमडी भरत शर्मा ने बताया कि इस एतिहासिक रामबारात म सर्वधर्म की झलक भी देखने को मिलती है. मेरे ग्रुप में 105 लोगों की टीम हैं, जिसमें 60 फीसदी से ज्यादा तो मुस्लिम हैं, जो रामबारात में हमेशा से मेरे साथ मिलाकर काम करते हैं. इस आयोजन के लिए हम काफी दिनों से मेहनत करते हैं. मुस्लिम कारीगर पूरी शिद्दत के साथ भजनों की तैयारी करते हैं. ये कलाकार हैं और उनका मजहब सिर्फ संगीत है. आगरा को तो वैसे भी सुलहकुल की नगरी कहा जाता है. उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं हैं कि राम बारात में सिर्फ रामधुन ही बजती हैं. मार्ग में जिस भी मजहब का धार्मिक स्थल आता है, उसी के हिसाब से प्रस्तुति दी. मंदिर के सामने भजन, मस्जिद या दरगाह क सामने कव्वाली, जैन मंदिर के सामने णमोकार भजन तो गुरुवाणी की प्रस्तुति दी.

आयोजकों को नहीं होती परेशानी
राम बारात क आयोजकों को कव्वाली को लेकर कोई परेशानी नहीं हुई. मिलन बैंड के एमडी भरत शर्मा ने बताया कि बुधवार की रात को जैसे ही राम बारात शुरू हुई तो हमारी टीम ने धार्मिक स्थलों के हिसाब से प्रस्तुति देना शुरू कर दिया. मंदिर के सामने भजन तो किनारी बाजार स्थित मस्जिद अकबरी के सामने सूफियाना कलाम ऐसे ही मार्ग में जो भी धार्मिक स्थल पड़े उसी हिसाब ने भजन, कव्वाली, णमोकार भजन और गुरुवाणी की प्रस्तुति दी.
राम बारात देखने के लिए छीपीटोला से आए विजय जैन ने कहा इस बार की रामबारात बाकई में खास दिखाई दी. नफरतों के दौर में ये मुहब्बत का पैगाम देने वाली तस्वीर ने दिल जीत दिया. सर्वधर्म की प्रस्तुति ने बता दिया ताज नगरी को ऐसे ही सुलहकुल की नगरी नहीं कहा जाता.

कैंट क्षेत्र से राम बारात देखने आए राजू सबिता ने बताया कि ये तो अद्भुत नजारा देखने को मिला जहां पर भजनों के साथ ही कव्वाली की गूंज भी सुनाई दी. अगर ऐसे ही सभी लोग करने लगें तो हमारे देश से नफरत पूरी तरह से मिट जाएगी.

लोहामंडी के मोहम्मद सुल्तान कहते हैं कि बहुत अच्छा लगा कि इस बार की राम बारात में रामधुन के साथ कव्वाली भी गाई गईं. ये नजारा देखकर मन खुश हो गया. ऐसा ही काम हर धर्म के लोगों को करना चाहिए.
बेवसाइट डेवलपर जकी राईन कहते हैं कि मैं युवा हूं और मुझे अब हिंदू-मुस्लिम नहीं देश की तरक्की, आपसी भाईचारा और रोजगार चाहिए. रही बात राम बारात में कव्वाली की तो इससे मुल्क में बेहद शानदार संदेश गया है कि हम पहले भी एक थे अब भी एक हैं और आगे भी एक रहेंगे, हमें आपस में लड़ाने वाले लोग ज्यादा दिनों तक कामयाब नहीं हो सकते. राम बारात में भजन, गुरुवारणी और कव्वाली सुनकर अच्छा लगा. ऐसे हर मजहब के लोगों को करना चाहिए.