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अब भाजपा के पूर्व विधायक ने की ताजमहल के नीचे जाने वाले दरवाजों को खोलने की मांग

अब भाजपा के पूर्व विधायक ने की ताजमहल के नीचे जाने वाले दरवाजों को खोलने की मांग
UP City News | May 13, 2022 12:44 PM IST

आगरा. ऐतिहासिक इमारत ताजमहल (Taj Mahal) को लेकर दाखिल की गई पीआईएल हाईकोर्ट ने भले खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को फटकार लगाई लेकिन इसका विवाद लगता है अभी खत्म नहीं हुआ है. अब आगरा में भाजपा के पूर्व विधायक संस्कृति मंत्री को एक पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने ताजमहल के नीचे जाने वाले दरवाजों को खोलने की मांग की है. उनका कहना है कि यह दरवाजे पहले भी खोले जा चुके हैं. इसलिए प्रयर्टकों के लिए इन दरवाजों खोल देना चाहिए.

विधायक केशो मेहरा ने कहा कि साल 1977 में जनता पार्टी की सरकार गठित हुई थी तो उस समय ताजमहल की उपरी मंजिल के नीचे जाने वाले दरवाजे को खोला गया था. नीचे जाने पर ज्ञात हुआ कि ताजमहल में नीचे जहां मुमताज की असली कब्र बताया जाता है. उसके नीचे दो मंजिल है. जिसमें भव्य भवन बने हुए हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान में पर्यटक नीचे नहीं जा सकते हैं. क्योंकि भारतीय पुरातत्व विभाग ने दरवाजों पर ताले लगाए हुए हैं. उन्होंने कहा कि मेरा मेरे संज्ञान के अनुसार ना तो भारत सरकार ना ही किसी न्यायालय के आदेश से पौधे लगाए गए हैं. आपसे अनुरोध है कि इस विवाद को हमेशा के लिए समाप्त करने के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग को आदेशित करें कि दरवाजों पर लगाए हुए तालों को खोलें.

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जिससे ताजमहल के नीचे बने हुए भव्य भवनों का आम लोग भी अवलोकन कर सकें. वहीं इससे पहले गुुरुवार को हाईकोर्ट के जस्टिस डीके उपाध्याय ने ताजमहल के 22 कमरों को खोले जाने की याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या इतिहास के आप के मुताबिक पढ़ा जाएगा? ताजमहल कब बना? किसने बनवाया? जाओ पढ़ो पहले. जानकारी हासिल करो. जस्टिस उपाध्याय ने कोर्ट रूम में सवाल पर सवाल करते हुए कहा कि पीआईएल व्यवस्था का मजाक मत बनाओ. कोर्ट ने ये भी कहा कि ताजमहल किसने बनवाया पहले जाकर रिसर्च करो. यूनिवर्सिटी जाओ, पीएचडी करो तब कोर्ट आना. रिसर्च से कोई रोके तब हमारे पास आना.