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मथुरा: हाईकोर्ट ने एओ बेसिक को बिना लिखित आश्वासन नहीं दी जाने की अनुमति, जानिए क्या है मामला

मथुरा: हाईकोर्ट ने एओ बेसिक को बिना लिखित आश्वासन नहीं दी जाने की अनुमति, जानिए क्या है मामला
UP City News | Oct 12, 2021 09:35 PM IST

मथुरा. ग्रेच्युटी के भुगतान से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक को भारी पड़ गई. तकरीबन तीन घंटे की बहस के बाद कोर्ट को लिखित में भुगतान करने का आश्वासन देने पर वित्त एवं अधिकारी को जाने की अनुमति मिल सकी. इसके बाद वित्त एवं लेखाधिकारी को राहत मिल सकी.

नौहझील विकासखंड के आजनौंठ स्थित प्राथमिक विद्यालय में काम करने वाले हरेकृष्णा की सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी. उन्होंने अपने जीवित रहते हुए 60 वर्ष में सेवानिवृत्ति का विकल्पपत्र नहीं भरा था. उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नी मुनेश देवी ने ग्रेच्युटी लेने के लिए आवेदन किया तो विभाग ने विकल्पपत्र न भरने की स्थिति में ग्रेच्युटी देने से इनकार कर दिया। इस आदेश के विरोध में हरेकृष्णा की पत्नी मुनेश देवी ने हाईकोर्ट की शरण ली. उच्च न्यायालय ने मुनेश देवी के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए बेसिक शिक्षा विभाग को ग्रेच्युटी का भुगतान करने का आदेश दिया.

इसके बावजूद भी बेसिक शिक्षा विभाग ने पीड़िता मुनेश देवी को भुगतान नहीं किया. इस पर पी​​ड़ित मुनेश देवी ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की. इस याचिका पर कोर्ट ने आठ अक्टूबर को सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट में पेश हुए मथुरा के वित्त एवं लेखाधिकारी राहुल यादव ने विभागीय आदेश का हवाला देते हुए ग्रेच्युटी का भुगतान करने में असमर्थता जाहिर कर दी. इस पर कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए कोर्ट ने उन्हें वहां से जाने की अनुमति नहीं दी.

इस पर वित्त एवं लेखाधिकारी के अधिवक्ता ने कोर्ट को समझाने का प्रयास किया. इस पर कोर्ट ने आखिरकार तीन घंटे की मशक्कत के बाद वित्त एवं लेखाधिकारी राहुल यादव ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से लिखित मामले का निस्तारण करते हुए पत्रावली संयुक्त निदेशक कोषागार एवं पेंशन आगरा को भेजने का आश्वासन दियात्र. इसके बाद ही उन्हें कोर्ट से राहत मिल सकी और उन्हें जाने की इजाजत दी गई.