सिटी न्यूज़

आंखों पर पट्टी, बाइक की सवारी, 11 राज्य का सफर, जानें क्यों ऐसा कर रहे हैं जादूगर

आंखों पर पट्टी, बाइक की सवारी, 11 राज्य का सफर, जानें क्यों ऐसा कर रहे हैं जादूगर
UP City News | Apr 08, 2021 10:29 AM IST

आगरा. देश को कोरोना और प्लास्टिक मुक्त करने के लिए और लोगों को ट्रैफिक नियम के के लिए जागरूक करने को तेलांगना के हैदराबाद से शुरू हुई भारत संदेश यात्रा के प्रहरी 43 वर्षीय जादूगर जी रामकृष्णा आगरा पहुंचे हैं. जादूगर जी रामाकृष्णा आखों पर पट्टी बांधकर हैदरबाद से कन्याकुमारी होते हुए जम्मू कश्मीर के लद्दाख तक अपनी मोटर साइकिल से निकले हैं. अभी तक वे 11 राज्य और 22 जिले का सफर तय कर चुके हैं. और आज सुबह ताजमहल का दीदार कर अपनी आगे की यात्रा पर निकलेे. जी रामाकृष्णा पेशे से जादूगर हैं और भारत संदेश यात्रा का उनका पांच साल पुराना सपना है. यह दस हजार किलोमीटर की यात्रा वे 31 दिन में पूरी करेंगे जिसमें वह 121 जिले और 19 राज्यों से गुजरेंगे.

हैदराबाद के सुरूर नगर के रहने वाले जी रामाकृष्णा बताते हैं कि उन्होंने पांच साल पहले भारत संदेश यात्रा का सपना देखा था. जिसकी शुरुआत उन्होंने 19 मार्च दिन शुक्रवार को हैदराबाद की चार मीनार से की. जिसका शुभारंभ तेलांगना के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली गुरु ने किया था. उन्होंने बताया कि यह यात्रा उन्होंने लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और देश को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए शुरू की है. यात्रा के दौरान वह जिस जिले से गुजरेंगे वहां के लोगों को ये संदेश देंगे और इन बातों का पालन करने का निवेदन भी करेंगे.

जी रामाकृष्णा की यह यात्रा इस बात से और खास हो जाती है क्योंकि इस पूरी यात्रा में वह अपनी आंखों पर ऐसी पट्टी बांधकर मोटर साइकिल चला रहे हैं, जिसमें से बाहर का कुछ भी नहीं दिखाई देता है. जिससे आप इस बात अंदाजा लगा सकते हैं. जादूगर जी रामाकृष्णा की भारत संदेश यात्रा 19 मार्च को शुरू हुई थी. जो कुल 31 दिन की यात्रा है और इसमें वह 10000 किलोमीटर मोटर साइकिल चलाएंगे. यात्रा में वह 121 जिलों से होकर गुजरेंगे और 19 राज्यों को पार करेंगे. अभी तक वह 12 राज्यों और 22 जिलों को पार कर चुके हैं.

जादूगर जी रामाकृष्णा ने बताया की इस यात्रा का सपना उन्होंने करीब 5 साल पहले देखा था जो 19 मार्च से शुरू हुआ और जल्द ही पूरा होने वाला है. उन्होंने बताया कि इस पूरी यात्रा में करीब दो लाख रुपयों का खर्चा आएगा. जिसे वह खुद वहन कर रहे हैं. वहीं उनका कहना है की रास्ते में मिलने वाले जिलों में जहां भी वह ठहरते हैं. वहां कोई ना कोई जादूगर ही उनकी मदद करता है. इस यात्रा के लिए उन्होंने सरकार से कोई भी अनुदान नहीं लिया है.