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Janakpuri Festival in Agra: फहीम और हनीफ राम बारात में बजाएंगे रामधुन

Janakpuri Festival in Agra: फहीम और हनीफ राम बारात में बजाएंगे रामधुन
UP City News | Sep 22, 2022 10:41 AM IST

आगरा. कभी राम बनके, कभी श्याम बनके चले आना प्रभु चले आना.. सब आपकी कृपा से मेरा काम हो रहा है, करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है...राम नाम सुखदाई भजन कर भाई, ये जीवन दो दिन का, राम नाम सुखदाई भजन कर भाई...सीताराम-सीताराम-सीताराम,मेरे मन बस गये सीताराम, राधेश्याम राधेश्याम राधेश्याम, मेरे मन बस गये राधेश्याम जैसे इन भजन और रामधुन आगरा के हनीफ, फहीम और नवाबजान जैसे खुदा के बंदे गाए...मौका होगा उत्तर भारत की सबसे मशहूर जनकपुरी महोत्सव की राम बारात का. ताजनगरी की भगवान श्री राम की अनोखी बरात की खासियत यही होगी कि हिंदुओं के इस महोत्सव में मुस्लिम श्री राम के भजन गाएंगे. बैंड बजाने वाले 60 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम इस बार इस खास और एतिहासिक बारात का हिस्सा बनेंगे. ये वही मुस्लिम हैं जो दो पीढ़ियों से श्रीराम बरात में बैंड बजाकर सबसे खास आकर्षण का केंद्र होती है. इसे लेकर पिछले एक महीने से प्रैक्टिस भी करते रहे हैं.

आगरा में सजने वाली जनकपुरी उत्तर भारत की सबसे एतिहासिक और मशहूर भी है, जिसे देखने के लिए आगरा ही नहीं बल्कि भारत के कोने-कोने से लोग आते हैं. इसके महल को हर बड़े ही भव्य तरीके से बनाया जाता है. मगर, इसमें सबसे ज्यादा आकर्षण का केद्र रहती है. भगवान श्री राम की बारात. ये बारात तब और भी ज्यादा खूबसूरत हो जाती है जब इसमें सर्वधर्म के लोग शामिल होकर इस प्रभु राम की बारात में शामिल होते हैं.

रामधुन बजाते हैं मुस्लिम
राम बारात में सिर्फ भजन ही गाये जाते हैं. इन भजनों को कई महीने पहले तैयार कर लिया जाता है. नई और पुरानी पीढ़ी को ध्यान में रखकर फिल्मी गानों के म्याजिक पर भजन की धुन तैयार की जाती हैं. इन सब धुनों को मुस्लिम समाज के लोग गाते हैं. पिछले दो दशकों से राम बारात में बैंड बजा रहे मास्टर हनीफ ने कहा कि हमारा मजहब संगीत है. हमारी दूसरी पीढ़ी इस काम को अंजाम दे रही है. जैसे ही पता चलता है कि राम बारात की तैयारियां शुरू हो रही हैं तो एक जोश और जुनून सिर पर सवार हो जाता है कि श्री राम की बारात के लिए एक से बढ़कर एक भजन तैयार किए जाएं. हम पूरी अकीदत के साथ इन भजनों को गाते हैं.

तीन पीढि़या राम बारात के लिए रामधुन गाती चली आई हैं
मास्टर फहीम ने कहा कि ये प्रभु श्री राम का काम है. हम तो इस दिन का बड़ी ब्रेसब्री से इंतजार करते हैं. बहुत अच्छा लगता है जब राम बारात की प्रैक्टिस होती है. प्रभु राम के लिए हम काम कर रहे इससे बड़ी और क्या बात हो सकती है. उन्होंने बताया कि उनकी तीन पीढि़या राम बारात के लिए रामधुन गाती चली आई हैं. दादा, वालिद और अब मैं खुद.

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हर धार्मिक स्थल के हिसाब से बजाते हैं धुन
मिलन बैड के एमडी भरत शर्मा ने बताया कि इस एतिहासिक रामबारात का तो सभी को बड़ी ही बेसब्री से इंतजार रहता है. मेरे ग्रुप में 105 लोगों की टीम हैं, जिसमें 60 फीसदी से ज्यादा तो मुस्लिम हैं, जो रामबारात में हमेशा से मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं. इस आयोजन के लिए हम काफी दिनों से मेहनत करते हैं. कभी किसी मुस्लिम कारीगर ने इस काम के लिए मना नहीं, बल्कि वे पूरी शिद्दत के साथ भजनों की तैयारी करते हैं. ये कलाकार हैं और उनका मजहब सिर्फ संगीत है. आगरा को तो वैसे भी सुलहकुल की नगरी कहा जाता है. उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं हैं कि राम बारात में सिर्फ रामधुन ही बजती हैं. मार्ग में जिस भी मजहब का धार्मिक स्थल आता है, भजन भी उसी हिसाब से गाए जाते हैं. कोई मस्जिद या दरगाह आती है तो हम कव्वाली की धुन भी बजाते हैं. हिंदू, मुस्लिम, जैन, सिख आदि के जो भी धार्मिक स्थल आते हैं हम उसी क हिसाब से धुन और भजन को गाते हैं.

मिलन और सुधीर बैंड ने फिल्मों भी दी है प्रस्तुति
मिलन बैंड के साथ-साथ सुधीर बैंड भी अपनी बेजोड़ प्रस्तुतियों के लिए जाने जाते हैं. सुधीर बैंड ने भी कई बड़ी फिल्मों मेरे ब्रदर की दुल्हन, टॉयलेट एक प्रेमकथा, ड्रीम गर्ल आदि में अपनी प्रस्तुतियां दी हैं. वहीं मिलन बैंड ने बंटी और बबली, तन्नू वेड्स मन्नू, शुभ मंगल सावधान जैसे कई फिल्मों में अपनी कला का हुनर दिखाया हैं.