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फिरोजाबाद की Shikohabad सीट से कोई प्रत्याशी दो ​बार नहीं पहुंच सका विधानसभा

फिरोजाबाद की Shikohabad सीट से कोई प्रत्याशी दो ​बार नहीं पहुंच सका विधानसभा
UP City News | Nov 26, 2021 06:03 PM IST

फिरोजाबाद. जिले की शिकोहाबाद विधानसभा का अलग मिजाज है. यहां के मतदाताओं ने कभी एक क्षत्रप को सिरमौर नहीं बनाया. यहां के लोगों ने हमेशा अपनी जरूरत के हिसाब से प्रत्याशियों को विधानसभा पहुंचाया. इस विधानसभा के लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को भी विधानसभा के दरवाजे तक पहुंचाया है. इसके बावजूद यह किसी एक पार्टी का गढ़ नहीं रहा. यहां से 1969 मे बीकेडी के मंशाराम जीते तो 1974 में बीकेडी के वीरेंद्र स्वरूप चुने गए थे. 1991 में झाऊलाल यादव ने इसी विधानसभा से निर्दलीय जीता था. 1996 में पूर्व मंत्री अशोक यादव भाजपा से तो 2007 में निर्दलीय चुनाव जीत गए थे. 2002 में सपा संरक्षक के समधि के हरिओम यादव ने यहां से जीत दर्ज की. इस विधानभा का सबसे अनूठा इतिहास यह रहा कि यहां से कोई भी प्रत्याशी लगातार दो बार विधायक नहीं बन सका.

शिकोहाबाद विधानसभा में मतदाता
पुरुष                 1,92,722
महिला               1,66,103
कुल                   3,58,836

शिकोहाबाद विधानसभा का जातिगत आंकड़ा
 जाति                           मतदाता
यादव                           80 हजार
निषाद, लोधी                70 हजार
जाटव                           40 हजार
मुस्लिम                        30 हजार
ब्राह्मण                         14 हजार
कुशवाह                      10 हजार
बघेल                           10 हजार
गुर्जर                            7 हजार

पिछले चुनावी रण के महारथी
वर्ष             प्रत्याशी             पार्टी          वोट           मतदान प्रतिशत
2017       डॉ. मुकेश वर्मा      भाजपा      87851          66.1%
2012      ओमप्रकाश वर्मा      सपा         98682            62%
2007      अशोक यादव         निर्दलीय    58240          46.2%

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यहां के प्रमुख स्थल और समस्याएं
शिकोहाबाद का अपना अनूठा इतिहास है. यह जिले के प्रमुख धार्मिक केंद्रों की स्थली है. यहां प्राचीन हजरत सूफी शाह की दरगाह, जैन समाज के प्राचीन स्थल चंद्रवाड़ का किला और प्राचीन पसीना वाले हनुमान मंदिर है. तीनों बड़े धार्मिक स्थल होने के कारण यह सैलानियों और भक्तों के लिए प्रमुख स्थल है. हालांकि इस विधानसभा की प्रमुख समस्या यहां की सड़कें हैं. ऊबड़—खाबड़ सड़कें होने के कारण यहां के लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है. इसके साथ ही यहां गंदगी भी प्रमुख समस्या है. विगत दिनों डेंगू के कारण यहां बड़ी संख्या में लोगों की जान गई.