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Firozabad : मिश्रित आबादी वाली सदर सीट पर दस साल से भाजपा का कब्जा, जानिए यहां का पूरा गणित

Firozabad : मिश्रित आबादी वाली सदर सीट पर दस साल से भाजपा का कब्जा, जानिए यहां का पूरा गणित
UP City News | Nov 24, 2021 11:12 AM IST

फिरोजाबाद. सुहागनगरी के नाम से मशहूर फिरोजाबाद जनपद की यह पहचान सदर सीट के कारण है. सदर सीट में ही कांच और चूड़ी इकाइयां है, जो इसे देश के साथ ही विश्व में ख्यातिप्राप्त कराते हैं. क्षेत्रफल की दृष्टि से यह सबसे बड़ी सीट है. इस विधानसभा सीट में ओबीसी वोटरों की सबसे बड़ी आबादी है. इसके बाद सामान्य और अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या है. इस विधानसभा में मुस्लिम आबादी भी बहुत है. मिश्रित आबादी होने के कारण सपा और बसपा ने यहां से मुस्लिम और अनुसूचित जाति के प्रत्याशियों पर अपना दांव लगाती रही हैं. हालांकि 2012 से इस सीट पर भाजपा का कब्जा है. सदर सीट से विधायक मनीष असीजा प्रदेशभर में भी अपने कार्यों के लिए जाने जाते हैं. वह ऐसे विधायक हैं, जो हर गरीब और वंचित तबके के आदमी के साथ खड़े होते हैं. यही कारण भाजपा के परंपरागत वोटर्स के साथ ही उनकी पकड़ अन्य मतदाताओं पर भी है. 2017 के चुनाव में उन्होंने सपा के प्रत्याशी और पूर्व विधायक अजीम भाई को हराया था.

मतदाताओं की संख्या
पुरुष मतदाता                2,32,608
महिला मतदाता              2,01,246
कुल मतदाता                  4,33,902

( निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है. ऐसे में मतदाताओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हो सकती है.)

सदर सीट विधानसभा का जातिगत आंकड़ा
जाति                                    मतदाता
मुस्लिम                              1.20 लाख
वैश्य                                    75 हजार
जाटव                                  45 हजार
राठौर                                  30 हजार
शंखवार                               30 हजार
ब्राह्मण                                 15 हजार
प्रजापति                              15 हजार
वाल्मीकि                             15 हजार
यादव                                  10 हजार
ओझा                                  10 हजार
नाई                                      8 हजार

पिछले चुनावी रण के महाराथी
वर्ष           प्रत्याशी                पार्टी              प्राप्त वोट                प्रतिशत
2017      मनीष असीजा        भाजपा             102654                     44.2%
2012      मनीष असीजा        भाजपा               74878                     33.7%
2007      नसीरउद्दीन             बसपा                42700                     33.5%

सदर सीट की प्रमुख समस्याएं
उद्योगों का केंद्र होने के कारण यहां गंदगी बड़ी समस्या है. विगत दिनों फिरोजाबाद में डेंगू के कारण तकरीबन 250 से अधिक मौतें हुईं और इसका प्रमुख कारण गंदगी रहा. नई आबादी से जुड़े इलाकों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोगों ने अपना दम तोड़ दिया और लोगों के प्रदर्शन के बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं आया. दिवाली के बाद फिरोजाबाद देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों की सूची में पहले स्थान पर पहुंच गया और जिम्मेदार कुछ नहीं कर सके. स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार फिरोजाबाद की रैंकिंग 60वीं आई है. हालांकि पिछले साल यहां की रैंकिंग 53वीं आई थी. हालांकि नगर निगम संसाधनों को बढ़ाने की बात कह रहा है.