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Dengue in Agra: फिरोजाबाद के बाद आगरा के ग्रामीण इलाकों में पहुंचा जानलेवा बुखार, तीन बच्चों की मौत

Dengue in Agra: फिरोजाबाद के बाद आगरा के ग्रामीण इलाकों में पहुंचा जानलेवा बुखार, तीन बच्चों की मौत
UP City News | Oct 14, 2021 02:05 PM IST

आगरा. आगरा के ग्रामीण इलाकों में भी जानलेवा बुखार (Dengue in Agra) की दस्तक हो चुकी है. डेंगू का प्रकोप (Dengue in Agra) आगरा में बुरी तरह फैला हुआ है. शहर के दो बच्‍चों की मृत्‍यु डेंगू के चलते हो चुकी है. स्‍वास्‍थ्‍य विभाग कैंप भी लगा रहा है, एंटी लार्वा स्‍प्रे के साथ फॉगिंग भी हो रही है लेकिन शायद डेंगू का मच्‍छर, इन कैमिकल्‍स से या तो ज्‍यादा बलवान है या फिर कैमिकल कम और पानी ज्‍यादा छिड़का जा रहा है क्‍योंकि मच्‍छरों की फौज घटने की बजाय बढ़ ही रही है.

मलपुरा के गरीबा मोहल्ला निवासी आकाश कुशवाह के नौ माह के बेटा नैतिक को रविवार की शाम तेज बुखार आया था. उसे अर्जुन नगर स्थित एक चिकित्सक से दवा दिलाई. साथ खून की जांच कराई गई है. मंगलवार दोपहर नैतिक की मौत हो गई. वहीं इसी मोहल्ले के जितेंद्र प्रजापति का 10 माह का बेटा अवि एक हफ्ते से बीमार था. उसे भी तेज बुखार था. उसकी मेडिकल रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है. उसका इलाज नामनेर स्थित एक अस्पताल में चल रहा था. बुधवार की दोपहर एक बजे अवि ने भी दम तोड़ दिया. वहीं, संजय जाटव पुत्र ओम प्रकाश के दो माह के बेटे की भी बुधवार को बुखार से मौत हो गई है. संजय के मुताबिक बेटा जन्म के पांच दिन बाद पीलिया से पीड़ित हो गया. करीब 25 दिन बाद सुधार आया. लेकिन बुखार ने उसे जकड़ लिया था. बीमारी के कारण उसका नामकरण भी नहीं हो सका. गांव के ही ईश्वरी प्रसाद के बेटे डेनी और रामू भी डेंगू से ग्रस्त हैं. उनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है.

गांव धनौली में भी नगला बिछिया वाली बस्ती निवासी जूता कारीगर रवि ने बताया कि आठ वर्षीय बड़ा बेटा तोयेश उर्फ कलुआ का शरीर रविवार को गर्म हो गया. उसे नजदीक ही एक चिकित्सक के पास ले गए. चिकित्सक ने तेज बुखार होने पर कलुआ को हरीपर्वत स्थित एक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया. चिकित्सकों ने उसकी हालत नाजुक देख भर्ती कर लिया. उसे डेंगू बताया गया था. कलुआ की मंगलवार सुबह हालत बिगड़ गई. वहां से भी उसे भगवान टाकीज स्थित एक अस्पताल के लिए भेज दिया. कलुआ ने इलाज के दौरान करीब नौ बजे दम तोड़ दिया. गांव अजीजपुर में सोमवार को सात वर्षीय दीपा पुत्री रामवीर प्रजापति की मौत हो गई थी. रामवीर के मुताबिक दीपा को छह अक्टूबर को बुखार आया था. उसे पास ही एक चिकित्सालय में भर्ती करा दिया. सुधार नहीं होने पर ताजगंज के अस्पताल में भर्ती करा दिया. जहां इलाज के दौरान डेंगू से दीपा की मौत हो गई थी.