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बेबी रानी मौर्य: आगरा महापौर से राज्यपाल तक का सफर, हर बार पार्टी ने जताया भरोसा

बेबी रानी मौर्य: आगरा महापौर से राज्यपाल तक का सफर, हर बार पार्टी ने जताया भरोसा
UP City News | Jan 15, 2022 03:11 PM IST

आगरा. भाजपा ने एक बार फिर आगरा की पहली महिला मेयर रह चुकी बेबी रानी मौर्य पर भरोसा जताया है. बेबी रानी मौर्य साल 1995 से 2000 के बीच आगरा की मेयर रही थी. बेबी रानी मौर्य का राजनीतिक सफर बहुत ही रोचक रहा है. किस तरह बेबी रानी मौर्य ने गृहस्ती से निकलकर माननीय पद पर पहुंच सकी, तो आइए जानते हैं बेबी रानी मौर्य के आम से खास बनने तक का पूरा सफर.

जानिए कौन है बेबी रानी मौर्य

आगरा जिले में 15 अगस्त 1956 मैं बेबी रानी मौर्य का जन्म हुआ था. बेबी रानी मौर्य राजनीति से कोई ताल्लुक नहीं था. उनके पति का नाम प्रदीप कुमार है और वह बैंक में कार्यरत थे. और मौर्य के ससुर एक आईपीएस अधिकारी थे. मौर्य ने बीएड और कला में परास्नातक की डिग्री ली. इसके बाद उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ. वह 1995 से 2000 के बीच आगरा की मेयर रह चुकी हैं. पहले चुनाव में ही मेयर बनने के बाद मौर्य ने एत्मादपुर से 2007 में विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत को आजमाया था, लेकिन वह हार गई.

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कैसे शुरू हुआ बेबी रानी मौर्य का राजनीतिक सफर

ससुर की इजाजत से राजनीति में कदम रखने वाली बेबी रानी मौर्य 1997 में राष्ट्रीय अनुसूचित मोर्चा की कोषाध्यक्ष रही है. वर्तमान में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और समय राष्ट्रीय अनुसूचित मोर्चा के अध्यक्ष थे. आगरा की मेयर के बाद 2001 में प्रदेश सामाजिक कल्याण बोर्ड के सदस्य बनी और एक साल बाद ही राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य बन गई. वहीं साल 2013 से 2015 तक उन्होंने बीजेपी प्रदेश मंत्री का दायित्व संभाला. इसके बाद 2018 में उन्हें बाल अधिकार संरक्षण आयोग का सदस्य बनाया गया था. उस समय विदेश में थी, जब तक पदभार ग्रहण करती तब तक राज्यपाल के लिए उनकी घोषणा हो चुकी थी. बेबी रानी मौर्य के पति प्रदीप कुमार पंजाब नेशनल बैंक में डायरेक्टर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. वह राजनीति में सक्रिय नहीं है, लेकिन उनका बेबी रानी मौर्य को पूरा सहयोग रहता है.

विधानसभा चुनाव 2022 में बनी भाजपा की प्रत्याशी

भाजपा ने अपनी पहली सूची जारी कर दी है. जिसमें आगरा ग्रामीण से बेबी रानी मौर्य को प्रत्याशी बनाया गया है. उत्तराखंड राज्यपाल पद से इस्तीफा देने के बाद ही कयास लगाए जा रहे थे कि वह चुनाव लड़ेंगी. भाजपा हाईकमान ने शनिवार को कयास पर भी मुहर लगा दी.