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Agra: कुल की रस्म के साथ होगा सूफी सैयद मुज़फ्फर अली शाह के उर्स का आगाज

Agra: कुल की रस्म के साथ होगा सूफी सैयद मुज़फ्फर अली शाह के उर्स का आगाज
UP City News | Oct 04, 2022 12:06 PM IST

आगरा. आस्ताना हज़रत मैकश ख़ानक़ाह ए क़ादरिया नियाज़िया आगरा के जानशीन सय्यद फैज़ अली शाह ने उर्स की जानकारी देते हुए बताया कि 6 अक्तूबर यानी गुरूवार को गुस्ल की रस्म अदा की जाएगी. उर्स का आगाज गुस्ल की रस्म से शाम पांच बजे दरगाह पंजा शाही पर होगा और रात 9 बजे महफिल ए कव्वाली होगी, जिसमे शहर और बाहर से आये हुये क़व्वाल कलाम पेश करेंगे.

दूसरे दिन 7 अक्टूबर  को सुबह कुरानख्वानी होगी. शाम 4ः45 महफिल ए सिमा और शाम 6 बजे आखिरी कुल की महफिल होगी, जिसमे दरगाह हज़रत ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ अजमेर शरीफ से सय्यद अज़हर उद्दीन चिश्ती दरगाह हज़रत ख्वाजा क़ुतब उद्दीन बख़्तियार काकी रज़ि से सय्यद महदी मियां क़ुतबी, दरगाह हज़रत महबूब ए इलाही निज़ाम उद्दीन औलिया से हज़रत सय्यद अनफाल अहमद निज़ामी नियाज़ी,  दरगाह हज़रत फरजन्द गौस ए आज़म शाह अबदुल्लाह बग़दादी रज़ि से सय्यद इक़बाल क़ादरी, मुस्लिम क़ुरैशी एवं आगरा शहर के सूफी और अध्यात्मिक विॆचार धारा के लोगो ने ख़ास तौर पर शिरकत की. इसके अलावा दिल्ली, बैंगलूर, ग्वलियर, भिंड, अलीगढ़, फिरोज़ाबाद, फतेहपुर सीकरी से आने वाले ज़ायरीन भी उर्स मे शरीक हुए.

जिंदगी पर रोशनी
हज़रत सय्यद मुज़फ्फर अली शाह हुज़ूर साहिब आगरा मे सूफी विचारधारा के महान गुरु हैं. 1811 मे जन्म हुआ शुरू से ही अध्यात्म आप में था. इश्वर प्रेम मे विलीन रहते जन मानस की सेवा को धर्म मानते आगरा मे उन गुरू मे से थे, जिन्होंने अंग्रज़ो के दौर मे सूफी अध्यात्म का प्रचार प्रसार किया. जन समान्य को ईशवर प्रेम का मार्ग ना सिर्फ दिखाया बल्कि सैकड़ों लोगो को वहाँ तक पहुँचा भी दिया. हुज़ूर साहब ने जीवन के 30 साल एक छोटे से कमरे मे दरवेश की तरहँ गुज़ारे. सिलसिला नियाजी के संस्थापक क़ुतब-ए-आलम मदार-ए-हज़रत शाह नियाज़ बे नियाज़ रज़ि के जानशीन हजरत ताज उल औलिया निजामउद्दीन हुसैन रज़ि से अध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त की. शहर आगरा मे ऐतिहासिक सूफी केद्र स्थापित किया.