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आगरा में फातिहाख्वानी के बाद लोगों ने की कोरोना के खात्मे के लिए दुआ

आगरा में फातिहाख्वानी के बाद लोगों ने की कोरोना के खात्मे के लिए दुआ
UP City News | May 05, 2021 08:56 AM IST

उखाड़ा कुव्वते बाजू से जिसने बाब -ए - खैबर को, अली मुर्तजा सा मर्द बईमान पैदा कर...
अमीरूल मोमिनीन हजरत मौला अली अलैहिस्सलाम की शहादत पर फातिहा ख्वानी व दुआ का प्रोग्राम.
इंसानियत को जिन्दा रखती है हजरत मौला अली अलैहिस्सलाम की तालीम: महासचिव विजय कुमार जैन

आगरा. दरगाह पीर अलहाज रमज़ान अली शाह चिश्ती साबरी के सज्जादानशीन व अखिल भारतीय सर्वधर्म साबरी एकता संगठन के राष्ट्रीय महासचिव विजय कुमार जैन ने मंगलवार को अमीरूल मोमिनीन हुज़ूर इमाम मौला अली अलैहिस्सलाम के यौम—ए-शहादत पर खुसूसी फातिहा ख्वानी व दुआ का प्रोग्राम किया गया. दरबार-ए-मौला अली में दुआ करते हुए कहा कि आज इस संकट के दौर में हजरत इमाम मौला अली अलैहिस्सलाम की तालीम की सख्त जरूरत है. मौला अली अलैहिस्सलाम की तालीम लोगों में इंसानियत का जज्बा पैदा करती है जिससे हर मुसीबत का डटकर सामना करने का हौसला मिलता है.
फातिहाख्वानी के बाद हजरत इमाम मौला अली अलैहिस्सलाम की बारगाह में इस वैश्विक महामारी कॉविड—19 के खात्मे होने और आलम ए इंसान के सुकून को कायम रखने की भी दुआ की गई. अखिल भारतीय सर्वधर्म साबरी एकता संगठन के राष्ट्रीय महासचिव विजय कुमार जैन ने बताया कि हजरत इमाम मौला अली अलैहिस्सलाम का मर्तबा बहुत ही बुलन्द है आप इल्म का दरवाजा है यानि हर तरह का इल्म आपके पास था सब्र और शुक्र की नैमत भी इसी घराने की देन है.
उखाड़ा कुव्वते बाजू से जिसने बाब ए खैबर को, अली मुर्तजा सा मर्द बईमान पैदा कर...
इस मौके पर पीर अलहाज रमज़ान अली शाह चिश्ती साबरी की बारगाह में भी अपनी खिराजे अकीदत पेश करते हुए कहा कि आपकी घराना ए पंजतन से बेपनाह मुहब्बत थी. पीर साहब ने हमेशा लोगों के दुख दर्द को अपना दर्द समझते हुए उसको दूर करने का हर संभव प्रयास किया. पीर साहब ने हमेशा सर्वधर्म समभाव के लिए कार्य किया जब ही आज तक उनके चाहने वालों में सभी धर्मो के लोग हैं. रमज़ान खान चिश्ती साबरी ने कहा कि आज भी उनके मजार शरीफ पर हाजरी देकर अपनी मन्नते पूरी करते हैं और उनके ईदगाह कटघर स्थित कब्रिस्तान में सर्वधर्म समभाव का एक महकता गुलशन दिखता है. पीर साहब की तालीम को सज्जादानशी विजय कुमार जैन बखूबी आगे बढ़ा रहे हैं और सर्वधर्म एकता के काम को बखूबी अंजाम दे रहे हैं. राकेश साबरी, उमेश चंदेल साबरी, सईद साबरी, हाशिम साबरी, कासिम साबरी, इरफान साबरी, दीपू साबरी, अनिल दीक्षित, रामदयाल साबरी, अब्दुल सईद आगाई, कल्लू कुरैशी, पंडित जगदीश प्रसाद शर्मा,पुरषोत्तम साबरी , रूपसिंह साबरी, अनिल बंसल , बशीर भाई साबरी , वहीद साबरी, गायत्री साबरी, शिवानी साबरी, अंजू सिंह साबरी, इति साबरी , ममता दीक्षित, गुरुप्यारी साबरी, सुषमा साबरी, आदि बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते है और एकता और मुहब्बत के लिए सजाए गए रंग बिरंगे गुलशन को और सजाने के लिए भरपूर मेहनत करते हैं.