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इस्कॉन मंदिर के पदाधिकारी का कारनामा, धन संभालने की जिम्मेदारी थी लगा दी सेंध

इस्कॉन मंदिर के पदाधिकारी का कारनामा, धन संभालने की जिम्मेदारी थी लगा दी सेंध
UP City News | Apr 08, 2021 08:20 AM IST

मथुरा. यूपी के मथुरा के थाना वृंदावन इस्कॉन मंदिर में दानराशि में हुए घपले के मामले में इस्कॉन के सचिव ने मंदिर में ही रहे एक वरिष्ठ पदाधिकारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है. जिसमें आरोप लगाया है कि वरिष्ठ पदाधिकारी ने दानराशि से आया धन सुनियोजित तरीके से हड़प कर मंदिर को चूना लगा दिया है. दानराशि के हड़प करने के मामले का खुलासा होने के बाद स्कॉन मंदिर में हड़कंप मच गया है. पुलिस ने जांच पड़ताल शुरु कर दी है.

मथुरा वृंदावन के इस्कॉन मंदिर के सचिव देवाशीष घोष ने कोतवाली में 3 अप्रैल को मन्दिर के पदाधिकारी रहे सौरभ त्रिविक्रमदास के विरुद्ध धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है. एफआईआर में कहा गया है कि आरोपी सौरभ त्रिविक्रमदास पुत्र मार्टिन मैथ्यू डिसूजा निवासी हरेकृष्णा ऑर्चिड ने इस्कॉन वृंदावन में अपनी सेवाएं देते हुए मंदिर प्रबंधन का विश्वास हासिल कर लिया था. मंदिर प्रबंधन ने इसे मंदिर के भक्तों, अनुयायियों एवं दानदाताओं से दान प्राप्त करने के लिए अधिकृत कर दिया. उसके साथ सहायक के रुप में अद्वैत आचार्य दास को नियुक्त किया गया.

एफआईआर में बताया गया कि 10 जून 2020 को आरोपी ने अद्वैत आचार्य को मंदिर के अकाउंट सेक्शन से रसीद बुक प्राप्त करने का निर्देश दिया. अद्वैताचार्य ने रसीद बुक संख्या ए 295 जिसमें रसीद संख्या 14701 से 14750 तक थीं. उसने रसीदबुक को मंदिर के अकाउंट सेक्शन से प्राप्त किया. जिसे आरोपी ने अद्वैताचार्य दास से अपने कब्जे में ले ली. वित्त वर्ष की समाप्ति के नजदीक आने पर मंदिर प्रबंधक द्वारा आरोपी को उसके द्वारा प्राप्त किए गए दान हिसाब प्रस्तुत करने और रसीद बुक जमा करने का निर्देश दिया गया, तो वह टहलाता रहा, लेकिन मंदिर को हिसाब नहीं दिया.

25 फरवरी 2021 को आरोपी मंदिर प्रबन्धन को सूचित किए बिना ड्यूटी से गायब हो गया. उसके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर उसका मोबाइल स्विचऑफ बताने लगा. काफी समय तक लौटने का इन्तजार के बाद भी जब सौरभ त्रिविक्रम दास वापस नहीं लौटा तो इस मामले में मन्दिर की ओर से सूचना जारी की गई. इस्कॉन मंदिर का आरोप है कि उसने मंदिर प्रबंधन के अपने पद एवं अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी की नियत से योजनाबद्ध तरीके से मंदिर की रसीदबुक प्राप्त की थी. उसके माध्यम से प्राप्त दान की राशि को मंदिर में जमा न कराकर स्वयं हड़प लिया है.

यह भी आरोप लगाया है कि उस रसीदबुक से उसी प्रकार की फर्जी और कूटरचित रसीद छपवाकर मंदिर के अनुयायियों और दानदाताओं के साथ छल से मंदिर की ओर दान प्राप्त कर अपने को नाजायज लाभ और मंदिर को हानि पहुंचा रहा है. फिललाल पुलिस ने इस्कॉन मंदिर के सचिव देवाशीष घोष की तहरीर पर सौरभ त्रिविक्रमदास के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है.