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11 फुट लंबा अजगर दिखने से गाँव में मची अफरा-तफरी, वाइल्डलाइफ एसओएस ने किया रेस्क्यू

11 फुट लंबा अजगर दिखने से गाँव में मची अफरा-तफरी, वाइल्डलाइफ एसओएस ने किया रेस्क्यू
UP City News | Nov 03, 2020 08:42 PM IST

आगरा के कागारोल स्थित बीसलपुर गाँव से एक ग्यारह फुट लंबे अजगर को वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने रेस्क्यू किया. विशालकाय अजगर को वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट ने कुशलतापूर्वक बचाया और बाद में अपने प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ दिया.

एक अन्य घटना में, एनजीओ ने आगरा में मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) कार्यालय से कोबरा सांप को भी बचाया.

वाइल्डलाइफ एसओएस के 24-घंटे बचाव हेल्पलाइन (+ 91-9917109666) पर आगरा के बीसलपुर गांव में विशालकाय अजगर दिखने की सूचना प्राप्त हुई, जिसमें घबराए हुए गाँव के निवासियों ने बताया की उन्होंने खेत पर एक बड़ा अजगर देखा है l सांप झाड़ियों के बीच में बैठा था, जहां लोग अपने मवेशियों के लिए घास और अन्य चारा इकट्ठा करने जाते हैं.

वन्यजीव संरक्षण संस्था की रैपिड रिस्पांस यूनिट से तीन सदस्यीय बचाव दल तुरंत स्थान पर पहुचे. टीम ने सांप को देखने पर इसकी पुष्टि 11 फुट लंबे इंडियन रॉक पायथन (अजगर) के रूप में की, जो भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका में पाया जाने वाली एक बड़ी और गैर विषैली सांप की प्रजाति है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची 1 के तहत संरक्षित है. यह सुनिश्चित करने के बाद की वहाँ मौजूद लोग सांप से सुरक्षित दूरी पर हैं, टीम ने सावधानीपूर्वक अजगर को पकड़ा. अजगर को कुछ घंटों के लिए चिकित्सकीय निगरानी में रखने के बाद, वापस जंगल में छोड़ दिया गया.

वाइल्डलाइफ एसओएस को कॉल करने वाले, नेम सिंह ने बताया

"हम इतने बड़े सांप को देखकर घबरा गए थे. चूंकि, वाइल्डलाइफ एसओएस ने क्षेत्र में और आसपास से पहले भी ऐसे साँपों को पकड़ा है, इसलिए हमने मदद के लिए तुरंत उनसे संपर्क साधा. "

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा

“सांपों से जुड़े बचाव अभियान जोखिम भरे हो सकते हैं, लेकिन हमारी टीम को ऐसी परिस्थितियों को संभालने के लिए अच्छी तरह से प्रशिक्षित किया गया है. अजगर अक्सर अपने बड़े आकार के कारण गलत समझे जाते हैं, जिसके कारण वह शहरी आवास में प्रवेश करने पर लोगों द्वारा मार भी दिए जाते हैं. हमें जंगली जानवरों के प्रति संवेदनशील रहना और उनके साथ मिल-जुलकर रहना सीखना होगा तभी हम ऐसी परिस्थितियों पर नियंत्रण रख सकेंगे.”

एक अन्य घटना में, वाइल्डलाइफ एसओएस टीम ने खंदारी स्थित मुख्य वन संरक्षक के कार्यालय से पांच फुट लंबे कोबरा को भी बचाया. विषैला कोबरा सांप कार्यालय के अंदर रखे एक एयर कूलर के नीचे बैठा था. टीम ने आगरा में जीवनी मंडी स्थित पानी के प्लांट से एक रैट स्नेक को भी पकड़ा. सभी सांपों को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से वापस छोड़ दिया गया.

वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजूराज एम.वी ने कहा

"जैसे-जैसे मौसम और ठंडा होता जाएगा, यह सांप अपने शरीर के तापमान को उचित बनाए रखने के लिए जंगल से बाहर निकलते रहेंगे जिसके परिणामस्वरूप मानव आवास में इन साँपों के आने की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है. हम लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे हमारे संरक्षण कार्यों का समर्थन करते रहें और वाइल्डलाइफ एसओएस के इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर पर ऐसी किसी भी घटना की सूचना दें. ”